मुख्यमंत्री ने असम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि हमें तय करना पड़ेगा, ‘कौन नागरिक है और कौन घुसपैठिया।’ उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं को अपनी प्रॉपर्टी समझने वालों के मुंह से लोकतंत्र की बात हास्यास्पद लगती है। सपा को जनता को जवाब देना चाहिए कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के नाम पर 3000 करोड़ रुपये किसकी जेब में जाने वाले थे।
सबसे बड़ा अनुपूरक बजट
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने यूपी के इतिहास में सबसे बड़ा अनुपूरक बजट पेश किया है। किसानों की कर्जमाफी के लिए 1500 करोड़ का प्रावधान किया है। गन्ना किसानों का 5-6 वर्ष का भुगतान कराया। इसी वजह से गन्ना की पैदावार 20.45 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 26.7 लाख हेक्टेयर पहुंच गई। 15 अक्तूबर तक किसानों को बकाया भुगतान के लिए चीनी मिलों को 4000 करोड़ रुपये का ऋण दिया जा रहा है। न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया गया है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा, बसपा ने हमेशा दलितों व पिछड़ों की उपेक्षा की। ओबीसी के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति बंद कर दी गई थी। दलित वर्ग के छात्रों को भी महीनों तक छात्रवृत्ति नहीं मिली। हमारी सरकार ने इसे दुरुस्त किया।
बाढ़ राहत पर अभूतपूर्व काम
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में बाढ़ राहत और बचाव के अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। सरकार ने अब तक की सबसे अधिक धनराशि भी दी है। उन्होंने कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि कुशीनगर में बाढ़ राहत कार्य में बाधा डालने वाले बाज आएं।
चिकित्सा में बेहतर स्थिति
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि चिकित्सा क्षेत्र में भी बेहतर काम हुए हैं। पिछले वर्ष गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मस्तिष्क ज्वर के 400 मरीज भर्ती हुए थे। इनमें 86 की मौत हुई थी। वहीं, इस वर्ष मात्र 80 मरीज भर्ती हुए और 6 मरीजों की मौत हुई है।
योगी ने कहा कि सपा सरकार ने केंद्र की मोदी सरकार की योजनाओं को प्रदेश में लटकाए रखा जिससे मोदी की ब्रांडिंग न हो। विपक्षी दलों को समझ में आ जाना चाहिए कि मोदी किसी ब्रांडिंग के मोहताज नहीं हैं।
कानून-व्यवस्था में सुधार
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार का भी दावा किया। कहा कि 2016 में जहां डकैती के 180 मामले दर्ज हुए थे, 2018 में केवल 96 मामले दर्ज हुए हैं। हत्या, लूट, दहेज हत्या, बलात्कार के मामलों में भी कमी आई है। 16 महीने में एक भी दंगा नहीं हुआ है।
कन्नौज के बहाने साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि कन्नौज और मैनपुरी के आंकड़े ही बताते हैं कि सपा सरकार में काम नहीं, कारनामा हुआ। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी डिम्पल यादव के संसदीय क्षेत्र में हुए काम गिनाते हुए हुए कहा कि कन्नौज में 65,274 किसानों का कर्ज माफ किया गया। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 1,23,731 घरों में शौचालय बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना में सपा के समय कन्नौज में एक भी मकान नहीं बना था, डेढ़ साल में ग्रामीण क्षेत्र में 8395 और शहरी क्षेत्र में 943 आवास बने हैं। सामूहिक विवाह योजना में 230 जोड़ों का विवाह कराया गया है। 63,882 निशुल्क एलईडी लाइटें वितरित की गई हैं। सौभाग्य योजना में 72410 निशुल्क बिजली कनेक्शन और उज्ज्वला योजना में 61408 रसोई गैस कनेक्शन दिए हैं। सपा सरकार के समय मात्र 3584 मीट्रिक टून गेहूं खरीद हुई थी, जबकि भाजपा सरकार में गत वर्ष 33,564 टन और इस वर्ष 43,582 टन गेहूं की खरीद हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा-बसपा का बस चले तो कर्मचारियों का वेतन पेंशन भी बंद कर दे। उत्तराखंड का गठन होने से पहले यूपी में काम करने वाले कर्मचारियों की पेंशन पिछली सरकारों ने बंद कर दी थी। अनुपूरक बजट में उनकी पेंशन के लिए 1300 करोड़ का प्रावधान किया है।
अजय कुमार लल्लू पर कसा तंज
मुख्यमंत्री ने अजय कुमार लल्लू पर तंज कसते हुए कहा कि विधानसभा में कांग्रेस के नेता की स्थिति बेगाने की शादी में अब्दुल्ला दीवाना जैसी है। वह जबर्दस्ती सपा के पीछे जाते हैं, जबकि सपा अध्यक्ष कहते हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल इस लायक नहीं हैं कि उन्हें प्रधानमंत्री बनाया जाए।