योगी ने खादी ग्रामोद्योग मंत्री और प्रमुख सचिव से कहा कि जिन 3400 इकाइयों ने 34 करोड़ रुपये ऋण लिया था और उसे वापस नहीं कर पाए हैं। उन्हें ओटीएस (एकमुश्त भुगतान) का मौका दें, जिससे वह फिर से अपने उद्यम को स्थापित कर आगे बढ़ा सकें।
मुख्यमंत्री ने 12 अक्तूबर को होने वाले खादी फैशन शो की तारीफ की और पूर्व विभागीय मंत्री सत्यदेव पचौरी से खादी पहनकर उसमें शामिल होने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि 2017 में सर्दियों में 4 से 6 लाख कंबल खरीद कर बांटे। कंबल कारखानों का पता किया तो वह बंद मिले। अब इन्हें चलाने के लिए तत्कालीन मंत्री से कहा गया है।
उन्होंने प्लास्टिक के उपयोग को पूरी तरह से बंद करने का आह्वान किया। इस मौके पर खादी मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, पूर्व खादी मंत्री सत्यदेव पचौरी, राज्य मंत्री चौधरी उदयभान सिंह, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष धर्मवीर प्रजापति, उपाध्यक्ष राम गोपाल अंजान, प्रमुख सचिव नवनीत सहगल और डीजीपी ओपी सिंह भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना के 15-15 लाभार्थियों को चेक दिए। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के 15 लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, माटीकला के लाभार्थ्यों को विद्युत चलित चाक और 25 लाभार्थियों को दोना-पत्तल बनाने वाली मशीनें भी दी गई। इससे पहले मुख्यमंत्री ने खादी महोत्सव का उद्घाटन किया और वहां लगी प्रदर्शनी देखी।