फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

योगी का फरमान, जनता की दिक्कतें न दूर होने पर अफसरों पर गिरेगी गाज

Sat, 03 Jun 2017 12:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
अफसरों के साथ बैठक करते सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जनता की समस्याओं का समय से निदान न करने वाले अधिकारियों को चिह्नित कर दंडित किया जाए। अधिकारी जनता से सीधा संवाद स्थापित करें और सोशल मडिया को सक्रिय बनाने के लिए सोशल मीडिया हब बनाएं।
विज्ञापन


उन्होंने फरियादियों की समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन शुरू करने के निर्देश दिए। कहा कि वह खुद जल्द ही समाधान दिवस का औचक निरीक्षण प्रारंभ करेंगे।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव आईटी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव सूचना एवं निदेशक सूचना सहित मुख्यमंत्री सचिवालय में तैनात सचिव एवं विशेष सचिवों के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश दे रहे थे।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि मंडल एवं जिला स्तर पर हर दिन सवेरे नौ से 11 बजे तक मंडलायुक्तों सहित डीएम, पुलिस अधिकारियों और तहसील एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को भी अपने कार्यालय में उपस्थित रहकर लोगों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराना होगा।

सोशल मीडिया से मिलने वाली दिक्कतों पर तुरंत करें कार्रवाई

- फोटो : amar ujala
सोशल मीडिया के माध्यम से समस्याओं की जानकारी प्राप्त होने पर उनका भी निराकरण प्राथमिकता से कराया जाए। उन्होंने कहा कि जनता से सीधा संवाद स्थापित करने तथा सोशल मीडिया को और अधिक सक्रिय करने के लिए सोशल मीडिया हब की स्थापना कराई जाए।

कहा कि मेगा कॉल सेंटर से प्राप्त होने वाली शिकायतों का समाधान निर्धारित अवधि में कराकर शिकायतकर्ता को अवगत कराना जरूरी होगा। विभागीय अधिकारियों को कोई भी कार्य लंबित रखने की कार्यशैली हर हालत में बदलनी होगी।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को तहसील स्तर पर आयोजित होने वाले समाधान दिवसों का औचक निरीक्षण करना होगा।

मेगा कॉल सेंटरों को बनाया जाए अधिक प्रभावी

- फोटो : amar ujala
योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से कराना है, जिसके लिए हर अधिकारी को अपने स्तर से अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा।

यह भी निर्देश दिए कि मेगा कॉल सेंटर के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करा ली जाएं।

थाना एवं तहसील स्तर पर फरियादियों की समस्याओं का समाधान न होने पर ही उन्हें उच्च अधिकारियों के साथ उनके (मुख्यमंत्री के) पास आने के लिए विवश होना पड़ता है, यह उचित नहीं है।

कहा कि ऐसे अधिकारियों की दंडित किया जाए। बैठक में मुख्य सचिव राहुल भटनागर, अपर मुख्य सचिव आईटी संजीव सरन, प्रमुख सचिव सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, सचिव मुख्यमंत्री मृत्युंजय कुमार नारायण, सूचना निदेशक अनुज कुमार झा, विशेष सचिव मुख्यमंत्री रिग्जियान सैंफिल आदि थे।
विज्ञापन

हम जमीन पर बैठने वाले लोग : सीएम

- फोटो : amar ujala
योगी ने यह भी निर्देश दिए कि उनके भ्रमण, निरीक्षण अथवा अन्य कार्यक्रमों के दौरान विशेष व्यवस्था कतई न की जाए। उन्होंने कहा कि हम जमीन पर बैठने वाले लोग हैं, इसलिए अलग से व्यवस्था नहीं होनी चाहिए। जनता का सम्मान ही प्रदेश के मुख्यमंत्री का सम्मान है।

टोल फ्री नंबर जारी किया जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि फरियादियों की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने के लिए टोल-फ्री नंबर जारी कराया जाए। फरियादियों की समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन भी प्रारंभ की जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में निशुल्क स्कूल ड्रेस, जूता-मोजा एवं किताबों का वितरण समय से सुनिश्चित कराया जाए।

सक्सेस स्टोरी की जानकारी जनता को दी जाए
योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार के गठन के 100 दिन पूरे होने पर विभागवार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाए और निर्धारित तिथि को विकास एवं जन-कल्याणकारी कार्यों की जानकारी जनता को दी जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि विभागवार जनहित में कराए गए कार्यों की सक्सेज स्टोरी भी प्रकाशित कराकर जनता को जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें