यूपी पीएसी ने हर विषम परिस्थिति में खुद को सर्वश्रेष्ठ साबित किया है। लोगों में इसके कार्य को लेकर संतुष्टि के भाव हैं। वहीं, देश के अन्य प्रादेशिक सुरक्षा बलों के लिए यूपी पीएसी आदर्श है। ये बातें सोमवार को पीएससी के 70वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहीं। इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा, पीएसी ने बाढ़ राहत कार्य से लेकर पर्व व त्योहारों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अपनी कार्यकुशलता के कई मानक स्थापित किए हैं। पीएसी की जो 74 कंपनियां समाप्त कर दी गई थीं, हमने सत्ता में आते ही उनको बहाल करने का फैसला किया। वर्तमान में यूपी पीएसी का विस्तार किया जा रहा है। शामली, बदायूं, लखनऊ और गोरखपुर में एक-एक वाहिनी का गठन किया जा रहा है। तीन महिला वाहिनियां भी बनाई जा रही हैं। पीएसी के अपर पुलिस महानिदेशक आरके विश्वकर्मा और पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने भी विचार रखे। पुलिस मॉडर्न स्कूल और अन्य शिक्षण संस्थाओं की बालिकाओं ने नृत्य से सबका मन मोह लिया।
35वीं वाहिनी को सर्वश्रेष्ठ वाहिनी का पुरस्कार
मुख्यमंत्री ने सर्वश्रेष्ठ पीएसी वाहिनी के लिए 35वीं वाहिनी के सेनानायक डी राकेश सिंह को, सर्वश्रेष्ठ कार्य के लिए 30वीं वाहिनी के सेनानायक एके वर्मा और सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के लिए प्रभाष श्रीवास्तव को पुरस्कृत किया। श्रीवास्तव ने ऑल इंडिया पुलिस जिम्नास्टिक 2018 में फ्लोर एक्सरसाइज में कांस्य पदक जीता था।