मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे केंद्रीय बजट का अध्ययन कर उसी के आधार पर राज्य की जनता की बेहतरी के लिए अपने विभाग की कार्ययोजना बनाएं। इसके साथ अपने-अपने विभाग के मंत्री को लेकर दिल्ली में केंद्रीय अधिकारियों के साथ मीटिंग करें।
सभी अधिकारी 10 से 15 दिन में अपने-अपने विभागों की कार्ययोजना बनाकर केंद्र सरकार के अधिकारियों को सौंप दें। कार्ययोजना की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री कार्यालय को मुहैया करवाएं ताकि जरूरत पड़ने पर वह खुद केंद्रीय मंत्रियों व प्रधानमंत्री से बात कर सकें।
अपने विभाग के बजट की हर महीने करें समीक्षा
योगी ने कहा कि सभी अधिकारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लेकर विभागीय व जिला स्तर पर प्लानिंग करें। अपने-अपने विभाग के बजट की हर महीने समीक्षा करें। देखें कि विभाग के लिए स्वीकृत राशि कितनी खर्च हुई है और कितनी बची रह गई है।