फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भीड़ हिंसा पर कानून बनाने वाला दूसरा राज्य होगा यूपी, राज्य विधि आयोग ने सौंपी रिपोर्ट

Thu, 11 Jul 2019 03:36 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी को रिपोर्ट सौंपते राज्य विधि आयोग के चेयरमैन। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

राज्य विधि आयोग ने भीड़ हिंसा की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कानून बनाने की सिफारिश की है। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एएन मित्तल ने बुधवार को इसका मसौदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा। यदि प्रदेश में कानून बनाने पर सहमति बन जाती है तो ऐसा करने वाला यूपी देश का दूसरा राज्य होगा। अभी तक सिर्फ मणिपुर में ही ऐसा कानून बनाया गया है। मध्य प्रदेश सरकार भी इसकी तैयारी कर रही है।

विज्ञापन


अपनी रिपोर्ट में आयोग ने कहा है कि पश्चिम बंगाल, केरल, जम्मू व कश्मीर व झारखंड राज्यों में हाल में घटित भीड़ तंत्र की हिंसा अब यूपी में भी अपने पैर पसारने लगी है। इसकी रोकथाम जरूरी है। आयोग का कहना है कि भीड़ हिंसा पुलिस की लेट-लतीफी का भी एक कारण है। उन्मादी हिंसा की बढ़ती घटनाओं में पुलिस भी निशाने पर रहती है और मित्र पुलिस को जनता अपना शत्रु समझने लगती है।

इन कारणों से हो रही हिंसा
आयोग के मुताबिक इस प्रकार की घटनाएं न केवल गोवंश की कथित रक्षा को लेकर हो रही हैं, बल्कि चोरी, प्रेम प्रसंग, बच्चों की चोरी, बलात्कार तथा कुछ अंधविश्वास जैसे भूत, प्रेत, चुड़ैल, तंत्र व मंत्र से भी संबंधित हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

सर्वोच्च न्यायालय की चिंता का दिया हवाला

रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख है कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी उन्मादी हिंसा पर चिंता व्यक्त की है। सुप्रीम कोर्ट ने 2018 के एक महत्वपूर्ण फैसले में केंद्र व राज्य सरकारों को चार सप्ताह में इस मामले को पृथक अपराध मानते हुए दंड की व्यवस्था करने को कहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भीड़ हिंसा के दोषियों को कड़ी सजा देने की बात कह चुके हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें