सम्मानित किए गए शिक्षकों के साथ सीएम योगी, राज्यपाल रामनाईक व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा।
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सीएम ने कहा, यूपी तभी देश का नेतृत्व कर सकता है, जब उसकी शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हो। हमने शिक्षकों के लिए सातवां वेतनमान लागू कर दिया है, लेकिन इसके साथ कुछ शर्तें भी जोड़ेंगे। शिक्षकों को कुछ टार्गेट दिए जाएंगे। कितने अफसोस की बात है कि दुनिया के टॉप-100 विश्वविद्यालयों में भारत का एक भी विश्वविद्यालय नहीं है। इस स्थिति को बदलना होगा। कुछ केंद्रों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने का फैसला भी किया है।
पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों को देना होगा प्रस्तुतीकरण
योगी ने कहा कि अगली बार पुरस्कार का पैटर्न बदला जाएगा। शिक्षकों को प्रस्तुतीकरण देना होगा कि उन्होंने शिक्षण और शिक्षा से इतर क्षेत्र में क्या उल्लेखनीय कार्य किए। सम्मानित होने वाले शिक्षकों के प्रयोगों को अन्य जगह भी लागू करेंगे।
शिक्षकों को सम्मानित करते सीएम योगी।
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वित्तविहीन शिक्षक संगठन के आंदोलन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों का पेशा ही धरना-प्रदर्शन करना बन गया है। पिछले जन्म में उन्होंने कुछ ऐसे कर्म किए होंगे कि जिसका फल उन्हें लगातार धरना-प्रदर्शन करते रहने का मिल रहा है। सिर मुंडवाते फिर रहे हैं। आज वे लोग भी शिक्षक का सम्मान मांग रहे हैं, जो इसकी योग्यता नहीं रखते। जब कठघरे में खड़े होते हैं तो दाएं-बाएं झांकते हैं।
काम से व्यक्ति महान होता है, विरासत से नहीं
सीएम ने कहा, उस वक्त काफी खराब लगता है, जब शिक्षक पुरस्कार के लिए सिफारिश लगवाते हैं। बेहतर काम करें तो सरकार और समाज उनका खुद-ब-खुद अनुकरण करेगी। व्यक्ति अपने काम से महान होता है। विरासत में राजनीति पाने वाले सार्वजनिक मंचों पर कैसे अपमानित होते हैं, इसे हम सब देखते हैं।