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मुख्यमंत्री योगी बोले, शिक्षकों को सातवें वेतनमान के साथ ही देंगे टार्गेट

Wed, 05 Sep 2018 08:56 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार से तनख्वाह लेने वाले शिक्षक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाएं। उन्हें धरना-प्रदर्शन की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। सरकार समय से पहले ही उनकी हर जायज मांग मान लेगी। उन्होंने शिक्षकों से शत-प्रतिशत साक्षरता लाने का आह्वान भी किया।

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योगी बुधवार को लोकभवन में आयोजित राज्य अध्यापक पुरस्कार समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि यह बहुत खराब बात है कि हर स्तर के सरकारी शिक्षक अपने बच्चों को कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़ाते हैं। मैं आह्वान करता हूं कि आप अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाएं। साथ ही शासन की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाएं।

उन्होंने शिक्षकों को सिर्फ 4-5 घंटे पढ़ाने तक सीमित न रहने की नसीहत देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के मंत्री और अफसर 12-18 घंटे तक काम कर रहे हैं, तब समाज हित में बेहतर परिणाम दे पा रहे हैं। नकलविहीन परीक्षा कराने में सफल हुए हैं। पता चला कि परीक्षा छोड़ने वाले 15 लाख विद्यार्थियों में अधिकतर जम्मू-कश्मीर, नेपाल और बिहार के थे। नकल माफिया उन्हें बिना परीक्षा दिए ही पास करा दिया करते थे।

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सातवें वेतनमान के साथ जोड़ेंगे कुछ शर्तें

सम्मानित किए गए शिक्षकों के साथ सीएम योगी, राज्यपाल रामनाईक व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा। - फोटो : amar ujala
सीएम ने कहा, यूपी तभी देश का नेतृत्व कर सकता है, जब उसकी शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हो। हमने शिक्षकों के लिए सातवां वेतनमान लागू कर दिया है, लेकिन इसके साथ कुछ शर्तें भी जोड़ेंगे। शिक्षकों को कुछ टार्गेट दिए जाएंगे। कितने अफसोस की बात है कि दुनिया के टॉप-100 विश्वविद्यालयों में भारत का एक भी विश्वविद्यालय नहीं है। इस स्थिति को बदलना होगा। कुछ केंद्रों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने का फैसला भी किया है।

पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों को देना होगा प्रस्तुतीकरण
योगी ने कहा कि अगली बार पुरस्कार का पैटर्न बदला जाएगा। शिक्षकों को प्रस्तुतीकरण देना होगा कि उन्होंने शिक्षण और शिक्षा से इतर क्षेत्र में क्या उल्लेखनीय कार्य किए। सम्मानित होने वाले शिक्षकों के प्रयोगों को अन्य जगह भी लागू करेंगे।
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पिछले जन्म के कर्मों के कारण कुछ लोगों को बार-बार मुंडाना पड़ रहा सिर

शिक्षकों को सम्मानित करते सीएम योगी। - फोटो : amar ujala
वित्तविहीन शिक्षक संगठन के आंदोलन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों का पेशा ही धरना-प्रदर्शन करना बन गया है। पिछले जन्म में उन्होंने कुछ ऐसे कर्म किए होंगे कि जिसका फल उन्हें लगातार धरना-प्रदर्शन करते रहने का मिल रहा है। सिर मुंडवाते फिर रहे हैं। आज वे लोग भी शिक्षक का सम्मान मांग रहे हैं, जो इसकी योग्यता नहीं रखते। जब कठघरे में खड़े होते हैं तो दाएं-बाएं झांकते हैं।

काम से व्यक्ति महान होता है, विरासत से नहीं
सीएम ने कहा, उस वक्त काफी खराब लगता है, जब शिक्षक पुरस्कार के लिए सिफारिश लगवाते हैं। बेहतर काम करें तो सरकार और समाज उनका खुद-ब-खुद अनुकरण करेगी। व्यक्ति अपने काम से महान होता है। विरासत में राजनीति पाने वाले सार्वजनिक मंचों पर कैसे अपमानित होते हैं, इसे हम सब देखते हैं।
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