मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के मंत्रियों को उनके विभाग की आगामी दो वर्ष की कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रियों को यह कार्ययोजना 17 मार्च को भाजपा मुख्यालय पर सत्ता और संगठन की बैठक में प्रस्तुत करनी होगी। बैठक में योगी सरकार के तीन साल पूरे होने के उपलक्ष्य में होने वाले कार्यक्रमों पर चर्चा होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पासपोर्ट दफ्तर की तरह रजिस्ट्री और एआरटीओ दफ्तरों को भी हाईटेक बनाया जा सकता है। उन्होंने दोनों विभागों के मंत्रियों को इसके लिए काम करने को कहा। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन सुविधा केंद्रों को अत्याधुनिक बनाने के निर्देश दिए।
सतीश द्विवेदी व कपिलदेव की पीठ थपथपाई
मुख्यमंत्री ने राज्य मंत्रियों और राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग और कौशल विकास विभाग में हुए कामकाज की सराहना की। उन्होंने कहा कि सतीश द्विवेदी और कपिलदेव अग्रवाल के नए मंत्री होने के बावजूद अच्छा काम हुआ है। अन्य विभागों में भी ऐसा काम होना चाहिए।
योगी ने कहा कि मंत्री अपने जिलों में जाकर मीडिया के जरिए जनता को बताएं कि सपा सरकार के समय हुई ओलावृष्टि का मुआवजा डेढ़ साल बाद भी पीड़ित किसानों को नहीं मिला था। वहीं, भाजपा सरकार में 5 मार्च को हुई ओलावृष्टि का मुआवजा वितरित हो गया है। 12-13 मार्च को हुई ओलावृष्टि के मुआवजे का वितरण शुरू हो गया है। उन्होंने मंत्रियों को जिलों में जाकर ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान की समीक्षा करने, किसानों से बातचीत करने और बकाया मुआवजा वितरित कराने के निर्देश दिए।
कोरोना के संक्रमण पर रखें नजर, नवरात्र के दौरान हों खास प्रबंध
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों में कोरोना वायरस के संक्रमण पर नजर रखें। कहीं भी संदिग्ध मरीज की जानकारी मिलने पर तुरंत जांच और उपचार की व्यवस्था कराएं। अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था कराएं। कोरोना की रोकथाम और बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाएं। होर्डिंग्स व बैनर लगवाएं।
वासंती नवरात्र में मंदिरों और सामाजिक स्थलों पर धार्मिक कार्यक्रम होंगे, ऐसे में वहां भी बीमारी से बचाव के उपाय सुनिश्चित किए जाएं। आरोग्य मेलों में भी कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए। उन्होंने डॉक्टर्स की तैनाती, पर्याप्त दवाइयों की व्यवस्था के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में 448 बेड और जिला चिकित्सालयों में 820 बेड आइसोलेशन वार्ड के रूप में रिजर्व रखे गए हैं। उन्होंने नेपाल की सीमा से लगे जिलों में प्रत्येक चेक पोस्ट पर स्क्रीनिंग की व्यवस्था करने, एनसीआर क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने और भीड़-भाड़ वाले आयोजन नहीं करने के निर्देश दिए।