मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव आरके तिवारी को निर्देश दिए कि वे सुनिश्चित करें कि भविष्य में कैबिनेट के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए अपर मुख्य सचिव (एसीएस) या प्रमुख सचिव ही उपस्थित हों। अपरिहार्य स्थितियों में अगर वे उपस्थित नहीं हो पाते हैं तो उन्हें इसकी पूर्व अनुमति लेनी होगी।
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्य सचिव ने इस घटनाक्रम का बिना उल्लेख किए शासन के सभी अपर मुख्य सचिवों व सचिवों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। इस संबंध में प्रमुख सचिव लोक निर्माण का पक्ष जानने के लिए फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।