मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा है कि किसान उनकी सरकार के केंद्र में हैं। लेकिन किसानों से धान खरीद में काफी शिकायतें मिल रही हैं। नमी के नाम पर किसानों को परेशान किया जा रहा है। यह ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर किसान परेशान होगा तो वह आंदोलन करेगा। इसके लिए अधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे। सीएम ने अच्छा काम करने वाले अफसरों की तारीफ भी की। सीएम गुरुवार को तिलक हाल में आईएएस अफसरों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाकर उनका सशक्तीकरण करने की है। राज्य सरकार ने धान खरीद का मूल्य 1550 रुपये प्रति क्विंटल से लेकर 1590 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। डीएम यह सुनिश्चित करें कि किसानों को उपज का सही मूल्य मिले।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव राजीव कुमार, कृषि उत्पादन आयुक्त राज प्रताप सिंह, आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष व राजस्व परिषद के अध्यक्ष प्रवीर कुमार, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त डॉ. अनूप चंद्र पांडेय, डीजीपी सुलखान सिंह समेत बड़ी संख्या में अफसर शामिल हुए।
मंत्रियों-अफसरों में सांमजस्य का दिया मंत्र
सीएम ने अफसरशाही और मंत्रियों के बीच सामंजस्य में कमी की ओर इशारा करते हुए कहा कि सभी मंत्री समझदार हैं। प्रमुख सचिवों को उन्हें सभी तथ्यों से सही तरीके से बताना चाहिए। मुझे नहीं लगता कि सही तरीके से बताए जाने पर मंत्री नहीं समझ पाएंगे।
खबर सही है तो कार्रवाई, गलत है तो खंडन करें
योगी ने मीडिया में कई बार तथ्यात्मक रूप से गलत खबरें आने और उस संबंध में सही तथ्य न रखने पर सवाल उठाया। कहा कि कमियों को लेकर खबर सही है तो अधिकारी खबर का संज्ञान लेकर कार्रवाई करें और अगर तथ्य गलत हैं तो सही तथ्य देकर उसे दुरुस्त कराएं। इससे जनता में सही संदेश जाएगा। उन्होंने कहा कि न तो डीएम इस पर ध्यान दे रहे हैं और न ही जिला सूचना अधिकारी। यह व्यवस्था सुधारें।
गलत काम करें नहीं, सुनें जरूर
सीएम ने जनप्रतिनिधियों की सामान्य शिकायतों का भी संज्ञान लेते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि शिकायत करते हैं कि कई अधिकारी दुआ-सलाम तक नहीं करते। ऐसा नहीं चलेगा। जनप्रतिनिधि के आने पर पूरे शिष्टाचार का पालन होना चाहिए। जहां तक काम का सवाल है तो सही काम को अंजाम दें और गलत काम करें नहीं, लेकिन उसे सुनें जरूर। गलत काम हो तो उस बारे में जनप्रतिनिधियों को सही जानकारी दें।
जनता को लगे की सुनवाई हो रही है
योगी ने कहा कि डीएम, एसपी, एसएसपी जनसमस्याओं का इस तरह समाधान करें कि लोगों को लगे कि उनकी बात सुनी जा रही है। हर स्तर पर संवाद होना चाहिए। अच्छे प्रशासन के लिए सत्ता का विकेंद्रीकरण जरूरी है। इसके लिए विभागों को उप विभागों से ताल-मेल बढ़ाना चाहिए। इससे कमिश्नरी स्तर पर भी अच्छे परिणाम आएंगे।
कलेक्टर तत्काल रोकें अवैध खनन
योगी ने कहा कि कई जिलों से अवैध खनन की शिकायतें अब भी मिल रही हैं। उन्होंने सभी डीएम को अपने जिलों में तत्काल अवैध खनन पर रोक लगाने की हिदायत दी। उन्होंने उम्मीद जतायी कि शासन की नई स्वच्छ प्रणाली से अच्छे परिणाम मिलेंगे। कहा, उनकी विकास प्राधिकरणों की कार्यप्रणाली पर भी उनकी नजर है। जिन जिलों में अच्छे कार्य हुए हैं उनकी ‘सक्सेज स्टोरी’ प्रकाशित की जाए।
अगले माह से सीएम हेल्पलाइन शुरू होगी
मुख्यमंत्री ने अफसरों को आगाह किया कि जनता की सुविधा के लिए अगले माह से राज्य सरकार ‘सीएम हेल्पलाइन’ शुरू करने जा रही है। इसके तहत लोग अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे। डीएम यह सुनिश्चित करें कि उनके जिलों की समस्याओं का प्रभावी समाधान हो और शासन को इसकी सही जानकारी दी जाए। शासन जनसमस्याओं की सुनवाई की स्थिति की मॉनीटरिंग करेगा। यदि लोगों की समस्याओं की सुनवाई ठीक से नहीं हुई तो अफसरों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
सीनियर जूनियर का करें मार्गदर्शन
सीएम ने कहा कि सीनियर आईएएस अधिकारियों को अपने जूनियर्स का मार्गदर्शन कर उन्हें अनुभवों का लाभ देना चाहिए। भारतीय प्रशासनिक सेवा की गरिमा को बनाए रखने का दायित्व इस सेवा के अधिकारियों का है। शासन और जनता उनसे बहुत उम्मीदें हैं।
युवाओं को रोजगार दिलाएं कलेक्टर
उन्होंने जिला उद्योग बंधु की बैठकें न होने पर नाराजगी जताई। कहा कि ये बैठकें डीएम नियमित रूप से करें और अपने जिलों में युवाओं को रोजगार दिलवाने के प्रयास करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए लखनऊ में 21-22 फ रवरी को ‘इन्वेस्टर्स समिट’ का आयोजन किया जा रहा है। पिछली सरकारों ने प्रदेश में जो वातावरण बनाया उसके चलते उद्योगपति यहां से दूसरे राज्यों को चले गए। लेकिन उनकी सरकार ने कानून-व्यवस्था बेहतर की है और निवेश का अच्छा वातावरण तैयार किया है। इसका भरपूर फायदा उठाएं और अधिकाधिक निवेश कराएं।
जिलों में ई-ऑफिस जल्द
मुख्यमंत्री ने कहा कि फाइलों के तेजी से निस्तारण के लिए सचिवालय के 22 विभागों में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू की जा चुकी है। अन्य विभागों में भी इसे शीघ्र ही लागू किया जाएगा। बाद में इसे जिलों में भी लागू किया जाएगा।
शेषन और इंदौर के कलेक्टर से सीखें
योगी ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के पास प्रशासन से संबंधित सभी शक्तियां हैं। उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन का जिक्र करते हुए कहा कि वे भी एक वरिष्ठ अधिकारी थे और उन्होंने ऐसे चुनाव सुधार लागू किए जो आज भी प्रशंसनीय हैं। इसी तरह इंदौर के डीएम का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अपने प्रयासों से जिले का कायापलट कर दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आईएएस अफसर इस सम्मेलन से कुछ ऐसे ठोस निष्कर्ष निकालेंगे जिससे प्रदेश को दिशा मिलेगी।