योग दिवस पर रमाबाई अंबेडकरनगर पहुंचे प्रधानमंत्री ने कहा, देश के भिन्न कोने में उपस्थित सभी लोगों को मैं लखनऊ की धरती से प्रणाम करता हूं। योग की एक विशेषता है, मन को स्थिर रखने की, किसी भी प्रकार के उतार-चढ़ाव के बीच भी स्वस्थ मन के साथ जीने की कला योग से सीखने को मिलती है।
मोदी ने कहा, आज योग घर-घर का, जन-जन के जीवन का हिस्सा बन रहा है। विश्व के अनेक देश जो न हमारी भाषा जानते हैं न हमारी परंपरा जानते हैं, न हमारी संस्कृति से परिचित हैं वे सभी भारत से जुड़ने लगा है। योग मन, बुद्धि को शरीर से जोड़ता है वो योग पूरे देश के जोड़ रहा है। यूनाइटेड नेशन से ज्यादा से ज्यादा वोटों से जब से योग को स्वीकृति मिली तबसे ऐसा नहीं हुआ कि बिना योग के कोई कार्यक्रम होता है। योगा के प्रति लोगों का बहुत आकर्षण बढ़ा है।
उन्होंने कहा, योग के ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट तो बढ़े हैं साथ ही योग टीचर की भी मांग बढ़ी है। विश्व में नया जॉब मार्केट योग से तैयार हुआ और भारत के लोगों की प्राथमिकता पूरी दुनिया में सबसे पहले रहती है।
पीएम ने कहा, फिटनेस से ज्यादा वेलनेस का महत्व है। आज योग के सामने दुनिया में कहीं भी सवालिया निशान नहीं हैं।
योग करने के तरीके में बहुत बदलाव देखने को मिले हैं। योग में उत्तरोत्तर विकास और विस्तार होता रहा है। इसलिए इस महत्वपूर्ण अवसर पर मैं लोगों को योग को जीवन बनाने का आग्रह करता हूं। हम योग में मास्टर बने न बनें पर अभ्यासु बन सकते हैं।
जब हम पहली बार योग करते हैं तो अहसास होता कि शरीर के बहुत से अंग हैं जिनकी ओर हमारा ध्यान नहीं गया। योग करने पर पता चलता है कि ये अंग सुसुप्त पड़े थे उनमें चेतना आने लगी है।
मैं योग को बड़ी सरल भाषा में समझाता हूं। नमक सबसे सस्ता होता है लेकिन खाने में नमक न हो तो स्वाद बिगड़ जाता है बल्कि शरीर के रचना में उसकी जरूरत को कोई नकार नहीं सकता। एकमात्र नमक से जीवन नहीं चल सकता है पर जीवन में नमक न होने से काम नहीं चलेगा।
योग को जीवन में नमक की तरह जरूरी बनाएं। उन्होंने कहा कि जीरो कॉस्ट से स्वास्थ्य अच्छा रखने का तरीका योग ही है।