इंडियन मुजाहिदीन के शीर्ष कमांडर यासीन भटकल की गिरफ्तारी के बाद अब यूपी समेत अन्य राज्यों में इस आतंकी संगठन के माड्यूल्स की तलाश शुरू हो गई है।
उत्तर प्रदेश में इसके लिए एटीएस आईबी के सहयोग से अभियान चलाने की तैयारी कर रही है।
यासीन से एनआईए, आईबी और बिहार पुलिस तो पूछताछ कर ही रही हैं। कई और राज्यों की एटीएस व क्राइम ब्रांच भी उससे पूछताछ के इंतजार में हैं। इनमें यूपी की एटीएस भी शामिल है।
खुफिया एजेंसियों को सूत्रों का कहना है कि यासीन से अब तक की पूछताछ में यह बात सामने आ चुकी है कि वह आईएम के लिए नए माड्यूल्स तलाश कर रहा था। अन्य राज्यों के अलावा यह काम उत्तर प्रदेश में भी चल रहा था।
हालांकि, यासीन ने यूपी के कुछ जिलों के नाम भी लिए हैं लेकिन अभी जांच एज़ेंसियां उसकी बात पर पूरी तौर पर भरोसा नहीं कर रही हैं। उससे इस बाबत दोबारा पूछताछ की जानी है।
सूत्र बताते हैं कि यासीन ने कबूला है कि वह यूपी के पश्चिमी जिलों में आईएम की पैठ बनाने की कोशिश में था। इसके लिए नए युवकों को तैयार करने की कोशिश थी।
नए माड्यूल्स को ही आगे की किसी घटना में इस्तेमाल किया जाना था। फिलहाल यासीन ने जितनी जानकारी दी है, उसे लेकर एटीएस सतर्क हो गई है।
सूत्रों के अनुसार टुंडा के बाद यासीन ने भी नेपाल सीमा का आतंकियों व आईएसआई के सदस्यों द्वारा लगातार प्रयोग करते रहने की जानकारी दी है।
इस जानकारी के बाद से ही प्रदेश की नेपाल सीमा पर सतर्कता किस तरह बढ़ाई जाए, इसे लेकर आला अफसर मंथन करने में जुटे हैं।
भटकल बंधुओं की गतिविधि पर भी नजर
हालांकि, इंडियन मुजाहिदीन के संस्थापक रियाज व इकबाल भटकल पिछले कई वषों से पाकिस्तान में शरण लिए हुए हैं, लेकिन वह आईएम के कुछ शीर्ष सदस्यों से लगातार संपर्क में भी रहते हैं।
इस बात के संकेत यासीन भटकल से पूछताछ में भी सामने आए हैं। सूत्र बताते हैं कि यासीन भटकल ने कुछ फोन नंबरों की भी जानकारी दी है, जिनसे वह बीच-बीच में भटकल बंधुओं से संपर्क करता था।
कुछ नंबर आईएम के अन्य सदस्यों के भी हैं। इसके बाद से ही केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने अपना ध्यान ऐसे नंबरों पर टिका दिया है। साथ ही खाड़ी देशों से होने वाली फोन कॉल्स पर भी ध्यान दिया जा रहा है।