सवाल - युद्ध जैसे हालात पर बनी फिल्मों में अभिनय की काफी चुनौतियां रहती हैं। आपके सामने क्या चुनौतियां रहीं?
जवाब- उरी में अभिनय करना खुद में चुनौती भरा था। इसकी वजह यह थी कि सेना और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे विषय को पूरी गंभीरता के साथ फिल्माना था। मैं लड़ाई के दृश्यों में तो नहीं दिखूंगी, लेकिन एक खुफिया अधिकारी का अभिनय करना भी कम चुनौतीपूर्ण नहीं होता। अभिनय के समय यह ध्यान भी रखना होता है कि आपके दिमाग में क्या चल रहा है। इसका आभास आपसे बात कर रहे व्यक्ति को नहीं होना चाहिए। सब कुछ असली लगे। इसके लिए खुफिया अधिकारियों से मुलाकातें भी की। यही वजह है कि अभिनय के बीच बनावटीपन नहीं लगेगा। मुझे बताया गया कि खुफिया अधिकारी का बनावटी दिखना ही इस किरदार को खत्म कर देगा। इससे मुझे बचना था।
सवाल - विकी डोनर, काबिल और अब उरी। सभी फिल्मों में आपका किरदार अलग दिखता है। आपकी क्या प्रतिक्रिया है?
जवाब- मेरा मानना है कि एक अभिनेता-अभिनेत्री को सभी तरह के किरदार करने चाहिए। यही उसे वर्सेटाइल बनाता है। एक ही तरह के किरदार करते रहने से अपनी खुद की प्रतिभा सामने नहीं आ पाती। मैं इसलिए नए विषयों पर काम करना चाहती हूं। बदलापुर में मेरा बहुत छोटा रोल था, लेकिन अलग अनुभव के लिए मैंने इस किरदार को किया।
सवाल - वेब सीरीज, मोबाइल एप के लिए बन रहे कंटेंट के लिए क्या सेंसर बोर्ड होना चाहिए?
जवाब- अभी वेब सीरीज और मोबाइल एप के लिए एक्सक्लूसिव वीडियो सीरीज में कंटेंट पर कोई निगरानी नहीं है। मुझे लगता है कि इसके लिए भी सेंसर बोर्ड होना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि सरकार जल्दी ही फैसला लेगी।
सवाल - लखनऊ में आपका पहले भी आना हुआ है। कैसा लगा यहां आकर?
जवाब- मुझे लखनऊ और यहां के लोग बेहद पसंद हैं। यहां के लोगों में काफी अनुशासन देखने को मिलता है। जितना यहां लोग अदब से बात करते हैं। उतना ही यहां का खान-पान भी अच्छा है। यहां के कबाब के बारे में बहुत सुना है। अगर मैं शाकाहारी नहीं होती तो कबाब जरूर टेस्ट करती।
सवाल - लखनऊ में कभी फिल्म शूट करने के बारे में क्या योजना है?
जवाब- लखनऊ में कई अच्छी लोकेशन हैं। कई फिल्मों की शूट भी यहां हुई है। मुझे अभी लखनऊ में शूट करने का मौका नहीं मिला, लेकिन जब भी मौका मिलेगा जरूर कराना चाहूंगी।