शहीदों के परिजनों से रूबरू अभिनेता विक्की कौशल ने कहा, आपके बीच आना ही बहुत बड़े सम्मान की बात है। आपसे बात करने का मौका मिला, आपके बेटों की वजह से आज हम ही नहीं, देश के सभी लोग और ये देश सुरक्षित है। हमारा भविष्य सुरक्षित है...।
आपके बेटों की शहादत को फिल्म में दर्शाने का हमें मौका मिला। ये पूरी स्टारकास्ट के लिए गर्व की बात है। हमारे जवानों ने दुश्मनों को ऑपरेशन में मुंहतोड़ जवाब दिया, सारे जवान जीवित आए। आज आपसे मिलकर मैं उरी हमलों के शहीदों की बहादुरी महसूस कर रहा हूं।
यामी गौतम ने कहा, जिन शहीदों को लेकर बनी फिल्म में मैंने अभिनय किया, उनके माता-पिता, परिजनों के साथ बात कर रही हूं। यह मेरे जीवन का सबसे गौरवान्वित करने वाला समय है।
हम सोच भी नहीं सकते कि जब हम अपने घरों में रात को चैन से सो रहे होते हैं तो जवान हमारे लिए सरहदों पर खड़े होते हैं। आपका बलिदान शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
आप बॉर्डर पर खड़ी उस दीवार की तरह हैं, जो हमारे सुकून की रक्षा करती है। समूचे देश की यह जिम्मेदारी है कि आपको हर कदम पर सम्मान दें।
कार्यक्रम में ब्रजेश पाठक (सबसे बायें।)
- फोटो : amar ujala
कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक ने कहा, आज उनके परिवार हमारे साथ हैं जिन्होंने हमें हर लम्हा सुरक्षित रखने का बीड़ा उठाया है। हम सब उनकी शहादत का सम्मान कर रहे हैं। शहीद के माता-पिता सबसे ज्यादा बहादुर होते हैं, क्योंकि उन्होंने अपने बेटों को भारत माता की रक्षा के लिए हंसते हुए विदा किया और वे कभी लौटकर नहीं आए। ऐसे बेटों की वजह से भारत माता का मस्तक हमेशा ऊंचा ही रहेगा।
अभिनेता विक्की कौशल, अभिनेत्री यामी गौतम, कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक ने उरी हमले में शहीद हुए चार सैनिकों के परिवारीजनों का सम्मान किया। संतकबीरनगर से शहीद गणेश शंकर की पत्नी गुड़िया देवी, गाजीपुर से शहीद हरेन्द्र यादव के पिता केदार यादव, जौनपुर के शहीद राजेश कुमार के पिता राजेन्द्र प्रसाद सिंह और बलिया के शहीद राजेश यादव की बुजुर्ग माता सुमरिया देवी का सम्मान किया गया।
सितंबर 2016 में उरी हमले के दौरान कैंप में मौजूद रहे नायब सूबेदार आनंद एक्का ने बताया कि वे अपनी टुकड़ी के साथ दो दिन पहले ही उरी पहुंचे थे और 18 सितंबर को तड़के दुश्मनों ने कायरों की तरह फिदायीन हमला कर दिया।
हमले के बाद के चार दिनों तक की यादें साझा करने के दौरान आनंद ने बताया कि कैसे सर्जिकल स्ट्राइक ऑपरेशन इतना गुप्त था कि घातक टीम और बटालियन कमांडर तक को इसका पता नहीं था।
हमें बस कुछ समय पहले ही एक निश्चित दिशा में फायरिंग के आर्डर आते रहे, हम वो करते रहे। जबकि बाकी टीम ने अपना काम पूरा किया। समारोह में मौजूद कर्नल धीरेंद्र सिंह ने कहा कि भारतीय सेना का हौसला देशवासियों से मिलने वाले सम्मान और प्यार से बढ़ता है। हमारी ताकत आपका प्यार ही है। स्कवाड्रन लीडर एस. लांबा ने भी हौसलाअफजाई की।