विधान परिषद में सभापति की कुर्सी पर बैठे अधिष्ठाता यज्ञदत्त शर्मा ने अफसरशाही की कार्यशैली पर अपनी पीड़ा का इजहार कर सत्ता पक्ष को चौंका दिया। वहीं विपक्ष ने मेज थपथपाते हुए अधिष्ठाता की सराहना की।
सपा के सदस्य शशांक यादव परिषद में अफसर शाही के निरंकुश होने का मुद्दा उठा रहे थे।
यादव ने कहा कि नौकरशाही इतनी निरंकुश हो गइ है कि ना तो जनप्रतिनिधियों की सुनती है ना सरकार के मंत्रियों की। जनहित के मामलों में भी अफसरों का रुख अच्छा नहीं है इससे जनप्रतिनिधियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अधिष्ठाता यज्ञदत्त शर्मा ने शशांक को बैठाते हुए कहा कि मेरी भी पीड़ा है, लेकिन इस पीठ पर बैठकर कुछ बोल नहीं सकता हूं। शर्मा के कथन से सत्ता पक्ष में बैठे उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, सरकार के मंत्री और भाजपा के एमएलसी चौंक गए। वहीं सपा, बसपा और कांग्रेस के सदस्यों ने मेज थपथपाकर उनका समर्थन किया।