प्रदेश में कोविड प्रबंधन के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने योगी सरकार की तारीफ की है। ग्रामीण इलाकों में राज्य सरकार द्वारा कोरोना के माइक्रो मैनेजमेंट की डब्ल्यूएचओ ने अपनी वेबसाइट पर खुल कर सराहना की है। डब्ल्यूएचओ ने प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में कोरोना के नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे महाअभियान की चर्चा करते हुए अपनी रिपोर्ट में बताया है कि राज्य सरकार ने किस तरह से 75 जिलों के 97941 गांवों में घर-घर संपर्क कर कोरोना की जांच करने के साथ आइसोलेशन और मेडिकल किट की सुविधा उपलब्ध कराई है।
डब्ल्यूएचओ ने योगी सरकार के कोरोना प्रबंधन को धरातल पर परखने के लिए प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में 10 हजार घरों का दौरा किया। डब्ल्यूएचओ की टीम ने खुद गांवों में कोरोना प्रबंधन का हाल जाना। कोरोना मरीजों से उनको मिल रही चिकित्सीय सुविधाओं के बारे में जानकारी हासिल की। यही नहीं डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञों ने फील्ड में काम कर रही 2 हजार सरकारी टीमों के कामकाज की गहन समीक्षा भी की है।
डब्ल्यूएचओ ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि किस तरह प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में योगी सरकार सामुदायिक केंद्रों, पंचायत भवनों और स्कूलों में कोरोना मरीजों की जांच और इलाज की सुविधा दे रही है। जिले के हर ब्लाक में कोविड जांच के लिए राज्य सरकार की ओर से दो मोबाइल वैन तैनात की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग की 141610 टीमें दिन रात काम कर रही हैं। इस पूरे अभियान पर नजर रखने के लिए 21242 पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है।
ग्रामीण इलाकों में कोविड समेत अन्य संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर स्वच्छता अभियान चला रखा है। 60 हजार से अधिक निगरानी समितियों के 4 लाख सदस्य गांवों में घर-घर पहुंच कर न सिर्फ कोविड के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं बल्कि साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुविधाओं से भी जोड़ रहे हैं। इस तरह का अभियान चलाने वाला यूपी देश का पहला राज्य है। गौरतलब है कि कोरोना की पहली लहर के दौरान भी योगी सरकार के कोरोना प्रबंधन की डब्ल्यूएचओ समेत देश और दुनिया में तारीफ हुई थी।