लखनऊ। गोसाईंगंज के मोहम्मदाबाद में शनिवार सुबह श्रमिक त्रिलोकीचंद्र (35) पर पेड़ गिर गया। लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी मौत हो गई। घरवालों ने डॉक्टरों पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए हंगामा दिया। ग्रामीणों ने हाईवे जाम करने का भी प्रयास किया। हालांकि, पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
इंस्पेक्टर दिलेश कुमार सिंह के अनुसार, त्रिलोकीचंद्र शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे अपने घर के पीछे लगे चिलवल के पेड़ को काट रहे थे। इसी दौरान, आधे से ज्यादा कटा हुआ पेड़ अचानक उन पर गिर गया। चीख-पुकार सुनकर परिवार और ग्रामीणों ने मिलकर पेड़ के नीचे से उन्हें निकाला। कमर में गंभीर चोटें आने के कारण उन्हें सीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
इसकी जानकारी होते ही ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया और कार्रवाई की मांग की। ग्रामीण शव को स्ट्रेचर पर रखकर सुल्तानपुर हाईवे जाम करने का प्रयास करने लगे, लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया और शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए भेज दिया।
सीएचसी में प्राथमिक उपचार करने वाले डॉक्टर आभाष सक्सेना ने बताया कि घायल त्रिलोकीचंद्र को सामान्य पेन किलर इंजेक्शन दिए गए थे। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर किया जा रहा था, लेकिन इससे पहले ही उनकी मौत हो गई। इंस्पेक्टर ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। त्रिलोकीचंद्र अपने पीछे पत्नी रेनू देवी, बेटे आकाश और दो बेटियों वैष्णवी व मानवी को छोड़ गए हैं।