शिकायत का समाधान कैसे होगा?
शिकायत दर्ज होने के बाद उसे दो श्रेणी में बांटा जाएगा। इसके बाद तय समय में उसके निस्तारण के लिए संबंधित विभाग के नामित अधिकारी को भेजा जाएगा। अपराध, छेड़छाड़ व शारीरिक उत्पीड़न के मामलों में 24 घंटे में कार्रवाई की जाएगी। वहीं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ न मिल पाने की शिकायतों का निस्तारण पांच से पंद्रह दिन में होगा।
कई बार शिकायतों का वैसे ही निस्तारण कर दिया जाता है?
इसको ध्यान में रखा गया है। इसलिए इसमें जोड़ा गया कि समाधान से पीड़िता से संतुष्ट है कि नहीं। इसकी पूरी रिपोर्ट संबंधित अफसर देगा। इसमें किसी भी तरह की ढिलाई व लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रकोष्ठ में शिकायत दर्ज कराने का क्या समय रहेगा?
कलेक्ट्रेट परिसर स्थित महिला प्रकोष्ठ कार्यालय कक्ष सुसज्जित होने के बाद हर कार्यदिवस पर सुबह 9.30 बजे से 11.30 बजे तक यह चलेगा। इस दौरान नामित महिला अधिकारी पीड़ितों की शिकायत सुनने के लिए मौजूद रहेंगी।
तहसीलों में भी होंगे प्रकोष्ठ
पांचों तहसीलों में भी महिला शिकायत प्रकोष्ठ होंगे। इसमे महिलाओं के बैठने, पेयजल आदि के इंतजाम रहेंगे। प्रकोष्ठ में एक महिला सिपाही, एक महिला कर्मचारी और एक महिला अधिकारी की मौजूदगी अनिवार्य होगी।
क्विक रिस्पॉन्स टीम भी होगी
महिलाओं की सुरक्षा की दृष्टि से तहसील क्षेत्रों में एक क्विक रेस्पॉन्स टीम का गठन भी होगा जो सुबह 6 से 9 बजे, दोपहर 12 से 2 बजे और शाम 5 से 8 बजे महिला अस्पतालों, कॉलेजों व प्रमुख कार्यस्थलों सहित बाजारों में भ्रमण करते हुए अराजक तत्वों पर नजर रखेगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रकोष्ठ में जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी की तरफ से एक एक कर्मचारी और पुलिस विभाग की ओर से दो महिला कांस्टेबल व होमगार्ड की तैनाती रहेगी। इसका नोडल अधिकारी एडीएम प्रशासन व सहायक नोडल अधिकारी एसडीएम मोहनलालगंज पल्लवी मिश्रा को बनाया गया है।
नोडल अधिकारी प्रकोष्ठ में दर्ज होने वाले सभी मामलों के समाधान की निगरानी करेंगे और रोजाना रिपोर्ट तैयार करेंगे। कलेक्ट्रेट स्थित महिला शिकायत प्रकोष्ठ में सोमवार व मंगलवार को डॉ. अरुणिमा श्रीवास्तव तहसीलदार प्रधानाचार्य मंडलीय राजस्व प्रशिक्षण विद्यालय, बुधवार व गुरुवार को मीनाक्षी द्विवेदी तहसीलदार न्यायिक सरोजनीनगर और शुक्रवार व शनिवार को कविता तहसीलदार बिजनौर सरोजनीनगर मौजूद रहेंगी।