संपूर्ण समाधान दिवस में विधवा ने खुद पर उड़ेला केरोसिन, आत्मदाह की कोशिश
लखनऊ। संपूर्ण समाधान दिवस की सुनवाई के दौरान एक कैंसर पीड़ित विधवा ने शरीर पर केरोसिन उड़ेल आत्मदाह की धमकी दी। सरोजनीनगर तहसील सभागार में अचानक हुई इस घटना से अफसरों में हड़कंप मच गया। आननफानन पुलिस कर्मियों ने आक्रोशित महिला को किसी तरह समझाकर शांत कराया। पीड़िता ने रोते हुए बताया कि जिंदगी भर की कमाई लगाकर एक प्लॉट खरीदा था पर अब दबंग विक्रेता पूरा पैसा लेने के बाद भी कब्जा नहीं दे रहा। बीते दो माह से लगातार शिकायत के बाद भी उसे न्याय दिलाने की कार्रवाई नहीं हो रही। एसडीएम सलिल पटेल ने त्वरित कार्रवाई कर पीड़िता को कब्जा दिलवाने का निर्देश तहसीलदार और सीओ को दिया।
अध्यक्षता करने मोहनलालगंज पहुंचे जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा की मौजूदगी में गोसाईंगंज ब्लॉक के किसानों नेे उत्पीड़न के खिलाफ हंगामा किया। डीएम ने सख्त निर्देश के बाद भी गायब अधिकारियों को नोटिस जारी कर कार्रवाई का निर्देश दिया। पांचों तहसीलों में सुनवाई के दौरान 546 प्रकरण दर्ज हुए। इनमें से पक्षकारों की सहमति के आधार पर 26 मामलों का निपटारा कराया गया।
विधवा ने आठ साल पहले खरीदी थी जमीन
सरोजनीनगर के शांतिनगर निवासी विमला के पति इंद्रजीत की मौत 2004 में हो गयी थी। इसके बाद घरों में झाड़ू पोंछाकर उसने अपने तीन बच्चों का पालन किया। 8 साल पहले उसने रहीमाबाद निवासी प्रॉपर्टी डीलर हरिपाल से त्रिमूर्तिनगर में 800 फीट जमीन 1.30 लाख में खरीदी थी। पूरा दाम चुकाने के बाद रजिस्ट्री संग दाखिल खारिज हो गया। आरोप है कि इसके बाद विक्रेता हरिपाल जमीन पर कब्जा देने के एवज में और राशि मांगने लगा। दबंग प्रॉपर्टी डीलर की मनमानी व उत्पीड़न से राहत दिलाने की शिकायत पीड़िता ने कई बार तहसील अधिकारियों व सरोजनीनगर थाने में की। पर उसको खरीदी गयी जमीन पर कब्जा दिलाने की कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस ने नहीं माना था डीएम का आदेश
पीड़िता की दौड़भाग के बाद जिलाधिकारी ने सरोजनीनगर थाने को कब्जा दिलाने का आदेश दिया था पर पुलिस चुप्पी साधे रही। परेशान पीड़िता ने मंगलवार को अफसरों के सामने केरोसिन की बोतल उड़ेलने के बाद आत्मदाह की चेतावनी दी। पुलिस कर्मियों ने जमीन पर कब्जा दिलाने का भरोसा देकर स्थिति को बिगड़ने से बचाया। एसडीएम सलिल पटेल ने बताया कि उन्होंने कुछ दिन पहले ही कार्यभार संभाला है। प्रकरण पर तहसीलदार को पुलिस के साथ कब्जा दिलाने की कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
मातहतों को गायब देख बिफरे डीएम
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने गायब मिले आधा दर्जन जिला स्तरीय अधिकारियों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। इसमें जिला प्रोबेशन अधिकारी, गन्ना निदेशक, जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा, अधिशासी अभियंता लोनिवि, एसओसी, जिला विद्यालय निरीक्षक, मंडी समिति के अधिकारी शामिल रहे। इसी दौरान सरकारी व किसानों की जमीन पर प्रॉपर्टी डीलरों व बिल्डरों के कब्जा करने की शिकायतों पर सुनवायी न होने से आक्रोशित भाकियू से जुड़े किसानों ने हंगामा किया। गोसाईंगंज के कासिमपुर बिरुहा में सरकारी व किसानों की जमीन सहित सौ साल पुराने नाले पर अवैध कब्जा कर प्लॉटिंग कर रही एक बिल्डर कंपनी के खिलाफ अधिकारी चुप्पी साधे हैं। भाकियू कार्यकर्ता बीते कई दिनों से तहसील में धरना दे रहे हैं। डीएम ने भाकियू (धर्मेंद्र) के ज्ञापन पर त्वरित कार्रवाई का निर्देश एसडीएम को देते हुए प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं को शांत कराया।
बेसहारा पशु को आश्रय देने पर 200 रुपया महीना
डीएम ने बताया कि छुट्टा मवेशियाें के लिए पशु आश्रय केंद्राें की व्यवस्था प्रशासन ने कर रखी है। जिले में संचालित पशु आश्रय केंद्रों में मृतक पशुओं के निस्तारण के लिए देखभाल करने वालों को अब परेशान नहीं होना पडे़गा। ग्राम पंचायत में यदि कोई व्यक्ति किसी बेसहारा पशु को आश्रय देगा तो प्रशासन प्रति पशु प्रति माह दो सौ रुपये की सहायता उपलब्ध कराएगा। अब मृतक पशुओं के शवों का निस्तारण भी जिला पंचायत स्तर से कराया जाएगा।
546 प्रकरणों में से 26 का निपटारा
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि जिले की पांच तहसीलों के संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 546 प्रकरण प्राप्त हुए। इसमें से 26 प्रकरणों का निपटारा मौके किया गया। शेष मामलों को समयबद्ध निपटारे के निर्देश के साथ संबंधित विभागों को भेजा गया है। सुनवायी के दौरान मंगलवार को सदर में 12, मलिहाबाद में 147, बीकेटी में 111, मोहनलालगंज में 204 और सरोजनीनगर में 72 प्रकरण दर्ज हुए।
किडनी के इलाज को मदद की गुहार
कनकहा के कलंदरखेड़ा निवासी मजदूर अंगनू गौतम ने जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर खराब हो चुकीं दोनों किडनी के इलाज को आर्थिक मदद की गुहार लगायी। उसने बताया कि आर्थिक स्थिति बदहाल होने के कारण इलाज में पैसों की कमी आड़े आ रही है। डीएम ने एसडीएम को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पीड़ित को मदद मुहैया कराने का प्रस्ताव तीन दिन में तैयार कर भेजें।