लखनऊ। नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, लोक कलाओं से जोड़ने के लिए गोमतीनगर में सोमवार को दिव्य श्रीराम कथा शुरू हुई। श्रीवेदांतीकुलम गुरुकुल की ओर से विपुल खंड में कलश यात्रा निकाली गई। इसमें काफी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। इसके बाद अयोध्या के आचार्य चंद्रांशु जी महाराज ने रामकथा शुरू की।
गुरुकुल की संस्थापिका और बजरंग सेवा दल महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष करिश्मा सिंह ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य हिंदू मेले की परंपरा को फिर से शुरू करने के लिए लोगों को जागरूक करना है। वर्ष 1867 में गणेंद्रनाथ ठाकुर ने द्विजेंद्रनाथ ठाकुर, राजनारायण बसु और नवगोपाल मित्र के साथ हिंदू मेले की शुरुआत की थी। इसका मकसद देश में स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा देने और भारतीय संस्कृति के प्रति लोगों को जागरूक करना था। करिश्मा सिंह ने कहा कि प्रस्तावित हिंदू मेले के जरिए युवाओं को देश की सांस्कृतिक विरासत, लुप्त होती लोक कलाओं और आध्यात्मिक परंपराओं से परिचित कराया जाएगा। साथ ही पारंपरिक काम-धंधों को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर तैयार करने का प्रयास होगा।
गोमतीनगर में कलश यात्रा निकालतीं महिलाएं।
गोमतीनगर में कलश यात्रा निकालतीं महिलाएं।
गोमतीनगर में कलश यात्रा निकालतीं महिलाएं।
गोमतीनगर में कलश यात्रा निकालतीं महिलाएं।