फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow Metro: आधी आबादी ने मेट्रो में भरी पूरी रफ्तार, लखनऊ में हर स्टेशन पर दिख रही महिलाओं की काबिलियत

Fri, 10 Jan 2025 09:23 AM IST
ishwar ashish प्रिया चतुर्वेदी, अमर उजाला, लखनऊ

सार

यूपी मेट्रो में कुल 94 महिलाएं एससीटीओ का जिम्मा संभाल रही हैं। वहीं, 42 महिलाएं लखनऊ मेट्रो के संचालन की बागडोर संभाल रही हैं। देखें एक रिपोर्ट: 
विज्ञापन
हजरतगंज से सचिवालय की ओर मेट्रो संचालित करतीं सुष्मिता। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नारी का जज़्बा अब हर राह चमकाता है, लखनऊ मेट्रो में उसका दम भी नजर आता है। मेट्रो में महिलाओं की सशक्त भूमिका ने शहर के विकास में नया आयाम जोड़ा है। वह न केवल मेट्रो संचालन में सक्रिय हैं, बल्कि तकनीकी और प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी बखूबी निभा रही हैं। मेट्रो के कई प्रमुख स्टेशनों पर महिला ऑपरेटर्स और स्टाफ अपनी दक्षता और समर्पण से यात्रियों का भरोसा जीत रही हैं। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन में वर्तमान में 241 महिला कर्मचारी हैं। इनमें लखनऊ मेट्रो में 117, कानपुर में 67 और आगरा में 57 महिलाएं कार्यरत हैं, जो आर्किटेक्चर, एचआर, फाइनेंस, ऑपरेशन, सिविल समेत अन्य विभागों में सेवाएं दे रहीं हैं।

विज्ञापन


वहीं, महिला एससीटीओ की बात करें तो कुल 94 महिलाएं यूपी मेट्रो की बागडोर संभाल रही हैं। लखनऊ मेट्रो में 42 महिला एससीटीओ हैं, जो ट्रेन संचालन से लेकर स्टेशन कंट्रोलिंग का जिम्मा संभाले हुए हैं। अमर उजाला से बातचीत में इन महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे सर्दी के मौसम में सुबह छह बजे से ही वह यात्रियों की सेवा के लिए तैयार रहती हैं। कहा कि यात्रियों का भरोसा ही उन्हें शक्ति देता है। इसे बनाए रखने के लिए वह हर मुश्किलों से जूझती है।

सपनों को रफ्तार दे रही यूपी मेट्रो

अंजलि व आंचल। - फोटो : amar ujala
हजरतगंज मेट्रो स्टेशन की कंट्रोलर अंजलि ने बताया कि जब वह पहली बार मेट्रो के केबिन में बैठीं तो उनके अंदर उत्साह और जिम्मेदारी का अनोखा मिश्रण था। महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं तो उनका भी सपना कुछ अलग करना था। उन्हें गर्व है कि वह यूपी मेट्रो का हिस्सा हैं और इसका संचालन कर रही हैं।

परिवार और मेट्रो दोनों संभालती हैं
ट्रेन ऑपरेटर आंचल बताती हैं कि महिलाओं में घर और ऑफिस दोनों संभालने की क्षमता होती है। लखनऊ मेट्रो में महिला कर्मचारियों को ऐसा वातावरण दिया जाता है कि जहां वह अपने काम और परिवार दोनों के साथ न्याय कर सकें। सर्दी में सुबह जागने का मन नहीं करता, लेकिन यात्रियों की जिम्मेदारी है तो छह बजे स्टेशन पहुंच जाती हैं। यह नौकरी उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाती हैं।
 
विज्ञापन

यात्रियों की सेवा और सुरक्षा की मिसाल

एससीटीओ आकांक्षा - फोटो : amar ujala
एससीटीओ आकांक्षा अपने कार्यक्षेत्र के अनुभव को साझा करते हुए बताती हैं कि कैसे वह पूरा स्टेशन संभालती हैं और यात्रियों की मदद भी करती हैं। मेट्रो यात्रा के दौरान यात्रियों को प्राथमिक उपचार देना हो या फिर खोए सामान को सुरक्षित लौटाना। वह हर चुनौती के लिए तैयार रहती हैं। आकांक्षा ने बताया कि कैसे उन्होंने अपनी शिफ्ट के दौरान एक बेहोश यात्री का प्राथमिक उपचार भी किया।

लखनऊ मेट्रो की जन संपर्क अधिकारी हितेश चांदना का कहना है कि महिला कर्मचारियों को हर स्तर पर प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़े हैं, बल्कि महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने का सपना भी साकार हो रहा है। यह पहल नारी सशक्तीकरण और शहर के आधुनिक परिवहन में महिलाओं की भूमिका दर्शाने वाला एक अनुकरणीय कदम है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें