रोज नए आयाम लिख रही आधी आबादी हर क्षेत्र में तरक्की की नई पटकथा लिखती जा रही है, लेकिन सवाल यह है कि आखिर सियासी वजूद कब बढ़ेगा?
वह भी तब जबकि हर चुनाव में चुनने की उसकी ताकत बढ़ती जा रही है। यूपी में जहां पिछली बार की तरह 13 महिलाएं सांसद बनीं, लेकिन देश में 59 से घटकर 54 रह गई।
चौंकाने वाला तथ्य यह कि देश में महिला वोटरों की संख्या 5 करोड़ बढ़ी तो 5 सांसद कम हो गईं। लेकिन, यूपी में एक करोड़ महिला वोटर तो बढ़ीं लेकिन महिला सांसद की संख्या नहीं बढ़ा सकीं।
43 सीटों पर कुल 86 महिला उम्मीदवार
बात यूपी की करें तो 16वीं लोकसभा के लिए सभी राजनीतिक दलों ने 43 सीटों पर कुल 86 महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा। इनमें से 73 महिलाओं को हार मिली। हालांकि इनमें 18 महिलाओं ने प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर दी।
यूपी में सबसे ज्यादा 9 महिला सांसद भाजपा की
साध्वी सावित्रीबाई फूले, बहराइच, प्रियंका सिंह रावत, बाराबंकी, रेखा वर्मा, धौरहरा, उमा भारती, झांसी, नीलम सोनकर, लालगंज
हेमामालिनी, मथुरा, कृष्णा राज, शाहजहांपुर, अंजू बाला, मिश्रिख, मेनका गांधी, पीलीभीत, एक भाजपा समर्थित अपनादल की
अनुप्रिया पटेल, मिर्जापुर।
63 साल में 3 से 16 फीसदी ही भागीदारी
पहली लोकसभा में यूपी से कुल 86 सांसद चुने गए। इनमें महिलाओं की हिस्सेदारी तीन फीसदी रही।
वहीं 16वीं लोकसभा में यूपी की 80 सीटों में इनकी भागीदारी 16 फीसदी से ज्यादा है। पहले लोकसभा चुनाव 1951 में हुए थे। यानी 63 साल में यूपी में महिला सांसदों की संख्या 20 फीसदी तक भी नहीं पहुंची।
1957 में यूपी से एक भी महिला सांसद नहीं
यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि 1957 में एक भी महिला ने संसद में यूपी का प्रतिनिधित्व नहीं किया। हालांकि तब 13 महिलाएं संसद पहुंची थीं।
हालांकि तीसरे लोकसभा चुनाव में यूपी में 14 महिलाएं मैदान में उतरी और इनमें से छह ही संसद तक पहुंच सकीं।
एक नजर
13 महिलाएं ही संसद में पहुंची इस बार यूपी से, हालांकि 1 करोड़ बढ़ीं महिला वोटर बढ़ गई हैं। 54 महिला सांसद चुनी गईं पूरे देश से, यानी 5 सांसद कम हो गईं 2009 से।
यूपी में इस बार एक करोड़ बढ़ी महिला वोटर बढ़ गईं। 2009 में जहां यह संख्या 52612874 थी, वहीं 2014 में यह बढ़कर 62844596 हो गई।
15वीं लोकसभा में कुल महिला सांसद : 12.7
15वीं लोकसभा में यूपी की महिला सांसद की भागीदारी : 2.4
16वीं लोकसभा में कुल महिला सांसद : 9.94
16वीं लोकसभा में यूपी की महिला सांसद की भागीदारी : 2.2
सुभद्रा ने अटल बिहारी को दी थी मात
तीसरे लोकसभा चुनाव की सबसे खास बात यह कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी को सुभद्रा जोशी ने बलरामपुर में हरा दिया था। अटल लखनऊ और बलरामपुर दो जगहों से चुनाव मैदान में उतरे थे। उन्हें दोनों जगह मात खानी पड़ी।
1980 में एक चौथाई महिला सांसद यूपी से
1980 में यूपी से कुल 7 महिलाओं ने संसद में दस्तक दी जबकि पूरे देश से कुल 28 महिलाएं सांसद चुनी गईं।
यानी संसद में महिला सांसदों में चौथाई हिस्सा यूपी का रहा। यूपी की महिला सांसदों में रायबरेली से इंदिरा गांधी, मेरठ से मोहसिना किदवई रहीं।
हुई इंदिरा युग की शुरुआत
वर्ष 1967 में यूपी से 13 महिलाओं में से सात ने जीत दर्ज की।
इस चुनाव की खास बात यह थी कि विजय लक्ष्मी पंडित के बाद नेहरू परिवार की दूसरी महिला इंदिरा गांधी सक्रिय राजनीति में उतरीं और रायबरेली से 55.19 फीसदी वोटों से विजयी रही।
अगले चुनाव में तो आयरन लेडी की जीत का आंकड़ा बढ़ गया और वे रायबरेली में 66.35 फीसदी मतों से जीतीं।