कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ यौन शोषण की घटनाओं के मामले उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2015 से जुलाई 2018 के बीच शी-बॉक्स पर कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के 2196 मामले दर्ज किए गए। इनमें से सबसे ज्यादा 29 फीसदी उत्तर प्रदेश के हैं।
यह कहना है एसोसिएशन फॉर एडवोकेसी एंड लीगल इनिशिएटिव (आली) संस्था की संयोजक शुभांगी और एक्शन एड संस्था की मनीषा भाटिया का। वे अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर प्रेस क्लब में मीडियाकर्मियों से बात कर रही थीं।
उन्होंने महिलाओं से कहा कि कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न, सेक्सुअल फेवर मांगने या जोर-जबरदस्ती करने, धमकी देकर या दबाव बनाकर, आपत्तिजनक बात करने, निजी जीवन के बारे में अफवाह फैलाने या आपत्तिजनक वीडियो दिखाने पर तत्काल इसकी शिकायत करें। उन्हें कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम 2013 के अधिकार के तहत न्याय मिलेगा।