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गर्भ में मृत शिशु को लिए पांच दिन से अस्पतालों के चक्कर काट रही महिला, हालत बिगड़ी

Fri, 10 Jul 2020 04:01 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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पांच दिन पहले लखनऊ की इंदिरा नगर निवासी महिला के गर्भ में शिशु की मौत हो गई। कोरोना पॉजिटिव गर्भवती को एक से दूसरे अस्पताल भेजा जा रहा है, लेकिन अब तक उसकी डिलीवरी नहीं कराई गई। इससे संक्रमण की आशंका बढ़ गई। गुरुवार को महिला की तबीयत बिगड़ गई।
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उसके पिता ने सीएमओ को पत्र भेजकर मामले की शिकायत दर्ज कराई है। इंदिरा नगर सेक्टर 16 निवासी महिला का पहले इंदिरा नगर बीएमसी से इलाज चल रहा था। दो दिन बाद वह प्रसव के लिए दोबारा वहां गई तो बीएमसी में कोरोना मरीज मिलने के बाद पूरी यूनिट को बंद कर दिया गया था।

ऐसे में वह चार जुलाई को प्रसव के लिए लोहिया संस्थान गई। आरोप है कि वहां डॉक्टरों ने पहले कोविड जांच कराने के नाम पर घंटों इंतजार कराया। अल्ट्रासाउंड में बच्चे की मौत की पुष्टि कर दी गई। महिला का आरोप है कि लोहिया संस्थान की लापरवाही से बच्चे की मौत हुई। आरोप है कि इसके बाद कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव बताकर उसे लोकबंधु भेज दिया गया।
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जहां पर तीन दिन कोविड वार्ड में भर्ती रहने के दौरान डॉक्टरों ने नॉर्मल डिलीवरी की कोशिश की, मगर कामयाब नहीं हुए। इसी दौरान वहां की महिला डॉक्टर के कोरोना पॉजिटिव निकलने पर उसे केजीएमयू भेज दिया गया। गुरुवार सुबह अचानक महिला की हालत बिगड़ गई। केजीएमयू में भी कोई प्रोसीजर करने को तैयार नहीं है।
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72 घंटे में मृत बच्चे की डिलीवरी कराना अहम

डफरिन अस्पताल की निदेशक डॉ. नीरा जैन बताती हैं कि मृत बच्चे की डिलीवरी नॉर्मल कराने की कोशिश की जाती है। वह संभव न होने पर सीजेरियन किया जाता है। पेट में मरे बच्चे को करीब 72 घंटे के अंदर निकाल लेना बेहतर रहता है। मृत बच्चे में सीजेरियन आखिरी विकल्प बचता है। ऐसे में डॉक्टर 72 घंटे तक इंतजार करते हैं। 

नॉर्मल डिलीवरी का किया प्रयास
महिला की स्क्रीनिंग की गई थी। कोविड का नमूना आने में समय लगता है। टीम नॉर्मल डिलीवरी कराने के प्रयास में थी। - डॉ. अमिता यादव, सीएमएस, लोकबंधु 
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