शनिवार को दिव्या की मौत के बाद उसके मकान में रहने वाले एक किरायेदार को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था, साथ ही चार अन्य लोग भी हिरासत में लिए गए थे। सूत्रों के अनुसार किरायेदार ने लाइट ऑन करने के लिए तीन बार दिव्या को फोन किया था, पर फोन नहीं उठा था। किरायेदार के परिजन दो दिन थाने के सामने ही बैठे थे।
मृतका ने सिपाही से थोक व्यवसायी को भेजवाए थे रुपये
मृतका दिव्या कपड़ा का व्यवसाय करती थी। सूत्रों के अनुसार शहर के एक थोक व्यवसायी के खाते में दिव्या ने 11 नवंबर को रवि कुमार के खाते से 4600 रुपया भेजवाया था। घटना के बाद थोक व्यापारी ने भेजे गए पैसे का स्क्रीन शॉट मृतक के परिजनों को देने के साथ ही सार्वजनिक कर दिया। परिजनों का कहना था कि अक्सर पैसे के लेनदेन के लिए वह आता-जाता रहता था। वहीं चर्चा है कि पांच लाख रुपये की मांग सिपाही से मृतका ने की थी, इसी कारण सिपाही ने उसे मौत के घाट उतार दिया।
अलसुबह पुलिस ने दोबारा की कमरे की जांच
रविवार अलसुबह पुलिस परिजनों को लेकर मृतका के घर पहुंची। जिस कमरे में दिव्या का शव मिला, उसी कमरे की पुलिस ने दोबारा जांच शुरू कर दी। मृतका के भाई और पति से गले में कसे हुए दुपट्टे की जानकारी लेते हुए कमरे की दोबारा वीडियोग्राफी भी की, उसके बाद पुलिस वापस चली गई।
आरोपी सिपाही के मेडिकल के लिए दो बार अमेठी सीएचसी को विशेष तौर पर जानकारी दी गई, जिससे अस्पताल में सब तैयारियां पूरी कर ली गईं, लेकिन मीडिया के लोग भी सिपाही से बात करने के लिए अस्पताल में मौजूद थे। जिस कारण अमेठी सीएचसी में सिपाही को मेडिकल के लिए नहीं लाया गया।
मृतक के परिजनों से मिले जिला पंचायत अध्यक्ष
घटना के बाद मृतक के घर जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि पहुंचे और पुलिस के उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराकर घटना में आरोपित पर कड़ी करवाई करने की बात कही। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा पीड़ित परिवार बहुत सीधा है।
पति बोला किससे करते शिकायत
मृतका के पति आलोक ने बताया कि तीन महीने पहले पत्नी से मामूली कहासुनी हुई थी, जिस पर सिपाही मौके पर आए थे। आरोपी सिपाही ने पत्नी का पक्ष लेकर काफी कुछ कहा, उसके बाद वह अक्सर घर आने लगा। आखिर पुलिस की शिकायत किससे करते।
कैमरे से बचने के लिए पीछे से आता था सिपाही
चर्चा है कि दिव्या के घर के सामने अधिवक्ता के घर पर सीसीटीवी कैमरा लगा था, यह बात सिपाही को पता थी। यही कारण था सिपाही कैमरे से बचने के लिए घर के बगल पीछे से आता था। एएसपी अमेठी हरेंद्र कुमार ने बताया कि विवेचना के दौरान सीसीटीवी फुटेज व मृतका के मोबाइल की कॉल डिटेल की मदद से मामले का अनावरण किया गया है। मामले में आरोपी सिपाही रवि कुमार को गिरफ्तार करने के बाद उसका चालान कोर्ट भेजा गया है। मामले में निष्पक्ष व पारदर्शी ढंग से जांच करने के बाद कार्रवाई की गई है। सिपाही ने हत्या करने की बात स्वीकार की है।