इस बीच भेड़िये के चक्कर में ग्रामीणों ने एक सियार को मार डाला। रविवार देर रात हुई इस घटना के बाद सोमवार को सुबह कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय, आदिलपुर में छात्राओं की उपस्थिति पर भी असर पड़ा। विद्यालय के सहायक अध्यापक ब्रह्म प्रकाश दुबे ने बताया कि स्कूल में 100 से अधिक छात्राएं पढ़ती हैं। भेड़िये के हमले के बाद सोमवार को विद्यालय में सिर्फ 40 छात्राएं आईं। इनमें भी 10 को वे अपनी कार में बैठाकर लाए। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ. विनोद कुमार आर्या ने बताया कि किसी जानवर के हमले से गंभीर रूप से घायल महिला तारावती का रविवार रात उपचार किया गया है। महिला की हालत अब ठीक है।
जनहानि रोकने के लिए जंगली जानवर को सुरक्षित पकड़ने का प्रयास
उप प्रभागीय वन अधिकारी केएन सुधीर ने बताया कि भेड़िये की धरपकड़ के लिए छह सदस्यीय टीम गठित की गई है। इनकी ओर से गश्त की जा रही है। एक स्थान पर पिंजरा लगाया गया है। अभी तक भेड़िये के पग चिन्ह नहीं मिले हैं। जो भी जंगली जानवर है, उसे सुरक्षित पकड़ने का प्रयास कर रहें हैं ताकि कोई जनहानि न होने पाए। उन्होंने कहा कि यह मौसम भेड़िये और सियार का मेटिंग पीरियड होता है। कुछ बड़े सियार और भेड़ियों में कई बार लोग अंतर नहीं कर पाते हैं।