केंद्र सरकार ने भारतीय मानक ब्यूरो में सराफ के पंजीयन की अंतिम तारीख एक जून से बढ़ाकर 15 जून कर दी है। जो सराफ तय तारीख तक भारतीय मानक ब्यूरो संस्था में हॉलमार्किंग युक्त सोने के गहने बेचने के लिए अपना पंजीयन नहीं कराएंगे, वह इसके बाद अपनी दुकान का शटर नहीं उठा पाएंगे। फिलहाल राजधानी में तीन हजार सराफा कारोबारियों में से सिर्फ दस फीसदी ने ही पंजीकरण कराया है।
भारतीय मानक ब्यूरो की जांच में ऐसे सराफ सोने के गहने बेचते पाए गए तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। जिन कारोबारियों का पांच करोड़ से कम का सालाना कारोबार है, उनको पंजीयन के लिए 8500 रुपये शुल्क एवं 18 फीसदी जीएसटी भरना पड़ेगा। लखनऊ में अधिकतम कारोबारी इसी दायरे में आते हैं।
अब तक 10 फीसदी पंजीयन
इंडियन ज्वैलर्स एवं बुलियन एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग रस्तोगी ने बताया कि बृहस्पतिवार तक कुल लगभग 3000 सराफ ा कारोबारियों में से सिर्फ 10 फीसदी ने ही पंजीयन कराया है। यानी 300 कारोबारी भारतीय मानक ब्यूरो संस्था में हॉलमार्क सोने के गहने बेचने के लिए पंजीकृत हो चुके। लखनऊ में 90 प्रतिशत बिना हॉलमार्क के गहनों का कारोबार है।
100 क्विंटल सोने का स्टॉक
राजधानी के जो 3000 सराफा कारोबारी हालमार्किंग सोने के गहने बेचने के लिए पंजीयन की कतार में हैं, उनके पास अनुमानित 100 क्विंटल सोने का स्टॉक होगा। कारोबारी सूत्रों ने बताया कि इन सराफा कारोबारियों के शोरूम एवं दुकानों में सोने के गहने सजे हैं। यदि 15 जून तक पंजीयन नहीं कराया तो कारोबारी इस गहने को बेच नहीं पाएंगे। इन गहनों को गलाना पड़ सकता है।
चला रहे जागरूकता अभियान
लखनऊ सराफ ा एसोसिएशन के महामंत्री प्रदीप कुमार अग्रवाल ने कहा कि राजधानी के कारोबारियों को 15 जून से पहले भारतीय मानक ब्यूरो में पंजीकरण करवाने के लिए जागरूकता अभियान चला रहे हैं। पंजीयन से पहले जिनका जीएसटी में पंजीयन नहीं है उसे करवाया जा रहा है।
14, 18 और 22 कैरेट के गहने ही बिकेंगे
चौक स्थित हॉलमार्किंग सेंटर के संचालक एवं सराफा कारोबारी नेता उमेश पाटिल ने बताया कि अब सिर्फ कैरेट की तीन कैटेगरी में सोने के गहने बिकेंगे। ऐसे गहनों में सोने की शुद्धता 14, 18 और 22 कैरेट की होगी। अब कोई ग्राहक चाहे कि उसे 20 कैरेट सोने का गहना मिल जाए तो संभव नहीं होगा। कारोबारी राजन रस्तोगी का कहना है कि नए सिस्टम से कम से कम बाजार में एक गुणवत्ता के सोने के गहने बिकेंगे। इससे ग्राहकों को उनकी रकम का शुद्ध सोना मिल सकेगा।
रिटेलर्स पर सजा का प्रावधान गलत
लखनऊ महानगर सराफा एसोसिएशन के चेयरमैन राजीव रस्तोगी ने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो ने हॉलमार्किंग में घालमेल पर रिटेलर्स को भी सजा का प्रावधान किया, जो गलत है। गहने बनाने वाले मैन्युफैक्चरर्स और उसकी शुद्धता को जांचने वाले हॉलमार्किंग सेंटर में ही घालमेल से उसकी शुद्धता से खिलवाड़ किया जा सकता है। इसमें रिटेलर्स का कोई रोल नहीं होता।
सिर्फ 23 जिलों में हॉलमार्किंग सेंटर
चौक सराफा एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी डॉ. राजकुमार वर्मा ने कहा कि शत-प्रतिशत जिलों में हॉलमार्किंग सेंटर तक नहीं है। प्रदेश के सिर्फ 23 जिलों में ही हॉलमार्किंग सेंटर हैं।