डीआरडीओ की ओर से कोरोना के इलाज के लिए विकसित की गई दवा 2डीजी का इस्तेमाल 13 दिन बाद भी गाइडलाइन न होने से शुरू नहीं हो पा रहा है।
अवध शिल्पग्राम में बने डीआरडीओ अस्पताल के मुताबिक, पहले चरण में 2डीजी की 250 डोज राजधानी पहुंच गई है। इससे ऑक्सीजन लेवल मेंटेन रखने में मदद मिलती है।
इसके लिए कोविड अस्पताल के सैन्य डॉक्टरों और मिलिट्री नर्सिंग सर्विस के अधिकारियों को ट्रेनिग भी दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक दवा मरीजों को नहीं दी जा सकी है।
इस बाबत अधिकारियों ने बताया कि आईसीएमआर के दिशा निर्देशों के मुताबिक दवा का इस्तेमाल किया जाना है। मरीजों को दवा कब, कितनी और कैसे देनी है, इस पर गाइडलाइन का इंतजार है।
गाइड लाइन आने के बाद ही दवा मरीजों को दी जाएगी। इसके बाद मरीजों पर उसका क्या असर हो रहा है, उसकी मॉनिटरिंग कर रिपोर्ट केंद्र भेजी जाएगी।
हालांकि, गाइडलाइन कब तक आएगी, इसकी जानकारी अधिकारियों को नहीं है। डीआरडीओ के 505 बेड के अस्पताल में 250 बेड ही शुरू किए गए हैं।
शुरुआती दौर में तो सारे बेड भरे थे, लेकिन अब मरीजों की संख्या 70 फीसदी तक कम हो गई है। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि जब मरीज ही नहीं रहेंगे तो इस दवा का इस्तेमाल कैसे होगा।