- सेवा अवधि पूरा हुए बिना लिपिकों को एसीपी देना
- प्रोन्नति के पद को ही मूल पद मानकर बार-बार एसीपी का लाभ देना
- बिना नियमावली पद सृजित करना व वेतन भुगतान
- नियमों का उल्लंघन कर प्रशासनिक अधिकारी व प्रधान सहायक के पद पर प्रोन्नति देना
नियमावली में है इन पदों का प्रावधान
‘बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार लिपिक सेवा नियमावली-1992’ में लिपिक संवर्ग में सिर्फ वरिष्ठ लिपिक, कनिष्ठ लिपिक और संगणक या सहायक सांख्यिकीय अधिकारी की श्रेणी निर्धारित की गई है। जबकि पिछले दो साल से विभाग में अपर सांख्यिकीय अधिकारी व प्रशासनिक अधिकारी जैसे पदों पर प्रमोशन दिया जा रहा है। साथ ही उन्हें एश्योर्ड कॅरिअर प्रमोशन (एसीपी) देते हुए ग्रेड पे और वेतन बैंड बढ़ाने की शिकायत की गई है।
चूंकि प्रदेश में चल रहे इंटीग्रेटेड चाइल्ड डवलपमेंट सर्विसेज (आईसीडीएस) पर खर्च होने वाली धनराशि का 75 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार देती है। इसलिए उसने भी अनधिकृत तरीके से सृजित पदों पर तैनात लिपिकों को वेतन देने पर आपत्ति जताई थी। केंद्र सरकार में भी आईसीडीएस के लिपिकीय संवर्ग में यूडीसी, एलडीसी व सांख्यिकीय अधिकारी केपद का ही प्रावधान है। प्रशासनिक व अपर सांख्यिकीय अधिकारी नाम का कोई पद स्वीकृत नहीं है।
निदेशक आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा ने जो सूचना मांगी है, उसका परीक्षण करवा रहा हूं। अपेक्षित सूचनाएं जल्द भेज दी जाएंगी।
- शत्रुघ्न सिंह, निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार