लखनऊ। भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर शुक्रवार को पटेल प्रतिनिधि सभा की ओर से कवि सम्मेलन हुआ। इसमें कवियों ने अपनी रचनाओं से उन्हें नमन किया।
हजरतगंज स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल पार्क में हुए कवि सम्मेलन में डॉ. सुमन दुबे ने पढ़ा, इससे बढ़कर नेक काम कुछ और नही हो सकता था। बीज एकता के कोई भी और नहीं बो सकता था। पांच सौ बासठ रियासतों को एक तिरंगा थमा दिया, बिन पटेल के पूरा भारत एक नहीं हो सकता था..। कविता सुनते ही दर्शक जोश से भर गए।
सम्मेलन का संचालन करते हुए मुकुल महान ने पढ़ा कि आएं हैं, रहना भी है, खोना भी है, पाना भी है। जिंदगी की इस कहानी से निकल जाना भी है...। विकास बौखल की पंक्तियां, रियासतें बिखरी हुई, सब पर कसी नकेल, पूरा भारत एक कर हमहो दिए पटेल... पर खूब दाद मिली। पवन प्रगीत ने पढ़ा कि एक गीत ऐसा भी लिखवा दे माई, जिसमें हो खुशबू वतन की समाई..। अभय सिंह निर्भीक ने पढ़ा कि, भारत माता का हरगिज सम्मान नहीं खोने देंगे, अपने पूज्य तिरंगे का अपमान नहीं होने देंगे...। इसके अलावा अतुल अजनबी, निलोत्पल मृणाल ने कविताओं से दर्शकों में जोश भरा।
इससे पहले मुख्य अतिथि केजीएमयू के बाल चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. आरएन सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का आगाज किया। अध्यक्षता करते हुए लखीमपुर की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश्वरी देवी वर्मा ने सरदार पटेल के जीवन पर प्रकाश डाला। पूर्व विधान परिषद सदस्य कांती सिंह ने विचार व्यक्त किए। संस्था के अध्यक्ष हरी लाल सिंह, अवधेश सिंह, डाॅ. राजेश पटेल, केके वर्मा ने मेहमानों का स्वागत किया।