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उत्तर प्रदेश में सर्दी ने ढाया सितम: 30 लोगों की मौत, बिजनौर सबसे ठंडा

Thu, 26 Dec 2019 02:20 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
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winter - फोटो : varanasi rain cold winter
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प्रदेश में सर्दी का सितम जारी है। बुधवार को ठंड से प्रदेश में 30 लोगों की मौत हो गई। प्रदेश में बिजनौर सबसे ठंडा रहा। यहां का न्यूनतम पारा 3 डिग्री जबकि अधिकतम 11 डिग्री सेल्सियस रहा। कानपुर में सभी उड़ानें रद्द करनी पड़ी। 

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वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट से चार उड़ानों को निरस्त करना पड़ा। वहीं प्रदेश से चलने वाली 100 से ज्यादा ट्रेनें विलंब से चल रही हैं। यमुना एक्सप्रेसवे पर कोहरे में छह वाहन भिड़ गए। 

बुंदेलखंड समेत मध्य यूपी में बुधवार को ठंड से 25 लोगों की मौत हो गई। कानपुर में सबसे ज्यादा 15 लोगों की जान गई है। बांदा में 3, चित्रकूट और महोबा में 2-2 जबकि जालौन, कन्नौज और कानपुर देहात में 1-1 की जान चली गई। यही नहीं कानपुर में बुधवार सीजन का सबसे सर्द दिन रहा। 4.6 डिग्री सेल्सियस पर आया तापमान, अब तक सबसे न्यूनतम पर रहा। 
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वहीं, घने कोहरे और खराब मौसम की वजह से कानपुर आने वाली सभी फ्लाइट बुधवार को रद्द रहीं। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद बृहस्पतिवार को भी अहमदाबाद, मुंबई और दिल्ली की दोनों फ्लाइट निरस्त की गई हैं।

पूर्वांचल में बीते 24 घंटे में ठंड से पांच लोगों की मौत हो गई। वाराणसी में बुधवार को अधिकतम 17 और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहा। वाराणसी में 1, भदोही में 2, चंदौली और बलिया में ठंड से 1-1 व्यक्ति की मौत हो गई।

वेस्ट यूपी में भी शीतलहर से जनजीवन प्रभावित है। मेरठ में क्रिसमस के दिन सर्दी ने 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मेरठ में अधिकतम तापमान 11.6 व रात का न्यूनतम तापमान 6.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। तापमान में 4.8 डिग्री व रात के तापमान में 1.4 डिग्री की गिरावट आई।

वहीं, बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली में भी दिनभर सूरज नहीं निकला। सहारनपुर में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री पहुंच गया है। दूसरी ओर यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार की देर रात घने कोहरे में छह वाहन एक-दूसरे से टकरा गए। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।

इन फसलों में है नुकसान की आशंका
टमाटर, आलू,  मिर्च,  बैंगन, भिंडी आदि सब्जियों, पपीता, आम, केला के पौधों, मटर, चना, अलसी, जीरा, धनिया, सौंफ आदि फसलों में 80 से 90 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता। आलू, अरहर, चना, सरसों, गेहूं, जौ आदि फसलों में भी नुकसान की आशंका है।

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