लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के समक्ष एलडीए के सचिव रहे डॉ. राम विलास यादव की पत्नी कुसुम विलास यादव ने फैजुल्लागंज स्थित अपने कॉम्प्लेक्स के ध्वस्तीकरण के एलडीए के आदेश पर रोक लगाने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की। न्यायालय ने मामले में हस्तक्षेप न करते हुए मंडलायुक्त को याची की ओर से दाखिल अपील पर यथाशीघ्र निर्णय लेने का आदेश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति रजनीश कुमार की खंडपीठ ने कुसुम विलास यादव की याचिका पर पारित किया। याची ने एलडीए के पीठासीन अधिकारी के 26 मार्च 2022 व एक जुलाई 2022 के नोटिस व ध्वस्तीकरण आदेश को चुनौती देते हुए फैजुल्लागंज स्थित उसके कॉम्प्लेक्स पर कोई भी कार्रवाई न की जाने की मांग की थी। एलडीए के अधिवक्ता पुनीत चंद्रा व सरकारी वकील ने याचिका का विरोध किया। न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि यूपी अर्बन प्लानिंग एंड डवलपमेंट एक्ट की धारा 27(3) के तहत याची उक्त आदेश के विरुद्ध मंडलायुक्त जो एलडीए का पदेन चेयरमैन भी होता है, के समक्ष अपील दाखिल कर सकती हैं।
न्यायालय ने पाया कि याची ने ऐसी एक अपील मंडलायुक्त के समक्ष दाखिल कर रखी है लेकिन अब तक मामले की सुनवाई नहीं हो सकी है। इस पर न्यायालय ने अपीलीय प्राधिकारी को याची की अपील को यथाशीघ्र निर्णीत करने का आदेश दिया। मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि किन्हीं कारणों सेे कोर्ट में जिन वादों की सुनवाई होनी थी। कोर्ट के नहीं हो पाने की वजह से स्थगित हो गई है। ऐसे में इस अपील को भी सुना नहीं जा सका। अगली तारीख पर इस वाद की सुनवाई की जाएगी।