लखनऊ। साहब, मेरी पत्नी मर गई, लेकिन पुलिस और डॉक्टरों की मिलीभगत से मुझे इंसाफ नहीं मिला। मुझे धमकियां मिल रही हैं और जान का खतरा है। ये आरोप लखीमपुर खीरी के महाराजनगर निवासी सुरेंद्र कुमार ने लगाए हैं, जिन्होंने डिप्टी सीएम और पुलिस कमिश्नर को शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
सुरेंद्र की पत्नी पूनम मौर्य (32) आशा कार्यकर्ता थीं। 23 सितंबर को उनका इलाज केजीएमयू के ईएनटी विभाग में डॉ. रमेश की देखरेख में चल रहा था। डॉ. रमेश ने उन्हें 25 अक्टूबर को खदरा के केडी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां सरकारी डॉक्टर डॉ. राकेश के दिए बेहोशी के इंजेक्शन से हालत बिगड़ गई। नौ नवंबर को पूनम की मौत हो गई। जांच में डॉक्टरों को दोषी पाया गया और एफआईआर की संस्तुति भी हुई। पुलिस ने एफआईआर दर्ज की, मगर नौ माह में कोई कार्रवाई नहीं की। अब पीड़ित को ही डराया जा रहा है। सुरेंद्र ने अब न्याय की गुहार लगाई है।