अनामिका शुक्ला के नाम पर नौकरी करने वाली महिला
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अनामिका शुक्ला के बारे में एक और रोचक तथ्य सामने आया है। अंबेडकरनगर में रामनगर केजीबीवी में अविवाहित अनामिका के नाम से नौकरी करने वाली महिला विधवा थी। अपने चार वर्ष के पुत्र के साथ वह यहां अकेले ही रहती थी। बालिका विद्यालय के बगल स्थित एक प्रतिष्ठित विद्यालय में उसने अपने पुत्र का दाखिला कराया था। मामला खुलने के साथ ही महिला मार्च माह के पहले सप्ताह से यहां से फरार है।
अनामिका शुक्ला बनकर प्रदेश के नौ जिलों में एक साथ नौकरी करने के मामले का बीते दिनों खुलासा होने के बाद से प्रदेश में हड़कंप मचा है। जांच में सामने आया है कि अनामिका शुक्ला के नाम पर अलग-अलग जिलों में कोई दूसरी महिला नौकरी कर रही थी। इसमें अंबेडकरनगर के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय रामनगर भी शामिल है।
छानबीन में यह बात भी समाने आई है कि पूर्णकालिक विज्ञान शिक्षिका पद के लिए तीन वर्ष पहले हुए आवेदन में अनामिका शुक्ला को अविवाहित दर्शाया गया था जबकि, यहां अनामिका शुक्ला बनकर जो महिला नौकरी कर रही थी, उसने खुद को विधवा बताया था। वह इसी के अनुरूप यहां रहती भी थी। उसके साथ चार वर्ष का एक पुत्र भी था।
यह सब कुछ अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। दस्तावेज में अविवाहित दर्ज होने के बावजूद तीन महीने पहले महिला के पास चार वर्ष का पुत्र कैसे था। इसके साथ ही आवेदन पत्र पर अविवाहित दर्शाने वाली अनामिका को कथित रूप से विधवा के तौर पर देखने के बाद भी यदि दस्तावेजों की जांच की गई होती तो भी गड़बड़ी पकड़ी जा सकती थी। किसी ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। इसी का फायदा उठाते हुए कथित अनामिका नवंबर 2019 से फरवरी 2020 तक नौकरी करती रही।