उन्नाव पुलिस के एक कमरे में बरामद हुए कंकाल व विसरा के नमूने पुलिस की चूक की वजह से पड़े रहे। हालांकि, अवशेष नमूनों को हटाकर जांच पूरी करने के लिए सभी जिलों में वर्ष 2010 से अभियान चलाया गया, लेकिन उन्नाव में इसका पालन नहीं हुआ, जिस वजह से यहां यह कंकाल व विसरा के नमूने बरामद हुए।
यह खुलासा मामले की जांच कर वापस लौटे डीआईजी रेंज आरके चतुर्वेदी ने शुक्रवार को यह जानकारी एनेक्सी के मीडिया सेंटर में खबर नवीसों को दी। उन्होंने बताया कि जिस कमरे में यह सब बरामद हुआ, उसकी जांच के लिए एक टीम बनाई गई थी।
इस टीम में एक मजिस्ट्रेट, एक डीएसपी, एक वरिष्ठ चिकित्सक, एक फोरेंसिक विशेषज्ञ और पुलिस महकमेके चीफ फार्मासिस्ट को शामिल किया गया था।