फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मात्र 100 रुपये में आजम को मिला शोध संस्थान

Sat, 31 Jan 2015 09:00 PM IST
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
सूबे के अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री आजम खां के मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को महज 100 रुपये के सालाना लीज रेंट पर रामपुर स्थित मौलाना मुहम्मद अली जौहर शोध संस्थान दिया जाएगा। राज्य सरकार यह लीज 30 वर्षों के लिए देने जा रही है।
विज्ञापन


बताया जा रहा है कि खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लीज रेंट के प्रस्ताव को हरी झंडी दी है। अब राज्य सरकार और आजम के ट्रस्ट के बीच महज एमओयू पर हस्ताक्षर होने बाकी हैं।

गौरतलब है कि राज्य सरकार ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव का जन्मदिन समारोह (21 व 22 नवंबर को) को रामपुर में धूमधाम से मनाने के बदले आजम खां के ट्रस्ट को यह अली जौहर संस्थान रिटर्न गिफ्ट के रूप में दिया था।
विज्ञापन


रिटर्न गिफ्ट देने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यह फैसला कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिये 20 नवंबर को ही कर दिया था। लेकिन इसकी लीज कितने वर्षों की होगी और उसका लीज रेंट क्या होगा, यह तय नहीं हो सका था।
विज्ञापन

राजस्व विभाग में नहीं दी थी कोई राय

अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग ने मौलाना मुहम्मद अली जौहर शोध संस्थान का लीज रेंट तय करने के लिए फाइल राजस्व विभाग पास भेजी थी। लेकिन राजस्व विभाग ने इस पर कोई राय नहीं दी थी।

बाद में अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग के अफसरों ने विभागीय मंत्री को खुश करने के लिए महज 100 रुपये सालाना पर शोध संस्थान देने को लीज पर देने का प्रस्ताव तैयार किया। फिर आजम ने इस लीज रेंट पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मुहर लगवा ली।

आजम के ट्रस्ट को ये फायदे होंगे
मौलाना मुहम्मद अली जौहर शोध संस्थान के जरिये आजम खां अपने ट्रस्ट की गतिविधियां बढ़ाना चाहते हैं। इस संस्थान के मिलने से ट्रस्ट को करोड़ों की बेशकीमती जमीन व भवन मिल जाएंगे।

वहीं, जौहर विश्वविद्यालय को भी इस शोध संस्थान से काफी लाभ होगा। दरअसल, आजम खां इस शोध संस्थान को इसलिए भी चाहते हैं, क्योंकि शोध संस्थान की बेशकीमती जमीन उनकी कोठी से सटी हुई है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें