नगर विकास मंत्री आजम खां और पूर्व सांसद अमर सिंह ने जिस तरह से एक-दूसरे पर शब्दों के बाण चलाए हैं, उसके सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से जान का खतरा जता दिया है। आजम के तेवरों से लग रहा है कि कहीं वे समाजवादी पार्टी में अमर सिंह की एंट्री की अटकलों से आशंकित तो नहीं हैं।
आजम खां और अमर सिंह के तल्खी भरे रिश्ते जगजाहिर हैं। दोनों एक-दूसरे को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखवा चुके हैं। वर्ष 2009 में आजम के सपा से बाहर चले जाने के बावजूद अमर सिंह की नजदीकी जयाप्रदा रामपुर से सांसद चुनी गई थीं।
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले जया प्रदा और अमर सिंह सपा से बाहर हो चुके थे। तब जया प्रदा को रामपुर छोड़कर जाना पड़ा था। अमर सिंह इस समय सपा से बाहर हैं, लेकिन सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से उनके करीबी रिश्ते जगजाहिर हैं।
कई मौकों पर मुलायम उनकी तारीफ कर चुके हैं। वे मुलायम सिंह, अखिलेश यादव और शिवपाल यादव से मिलते रहते हैं। चार दिन पहले ही राजधानी लखनऊ में मेदांता अस्पताल के शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री व सपा मुखिया के साथ अमर सिंह मंच पर थे।