लखनऊ। आईटीआई के विद्यार्थी परिसर में पढ़ाई तो निजी कंपनी में वाहन बनाना सीखेंगे। दो साल के कोर्स में डेढ़ साल परिसर में थ्योरी, जबकि छह महीने कंपनी में प्रैक्टिकल करेंगे। प्रयोगात्मक के आधार पर विद्यार्थियों को रोजगार के लिए परिपक्व बनाया जाएगा। राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद और निजी कंपनियों के बीच इसे लेकर समझौता हुआ है।
राजकीय आईटीआई में इलेक्ट्रीशियन, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, सिविल, कंप्यूटर ऑपरेटर, फिटर, प्लंबर जैसे अन्य कोर्स संचालित हैं। परिसर में विद्यार्थियों की मौखिक कक्षाएं होती हैं। कुछ कोर्सों की प्रयोगात्मक कक्षाएं भी ली जाती हैं, लेकिन आधुनिक तकनीक की मांग के आधार पर उपकरण न होने से विद्यार्थी संबंधित विषय में पारंगत नहीं हो पाते। विद्यार्थियों को बेहतर स्किल मिले, इसके लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद ने टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी व अन्य कंपनियों के साथ समझौता हुआ है।
अलीगंज राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्य राजकुमार यादव ने बताया कि विद्यार्थी थ्योरी के साथ ही प्रैक्टिकल पर भी फोकस कर सकें, इसके लिए कंपनियों में तीन से छह महीने की प्रयोगात्मक पढ़ाई की व्यवस्था शुरू की गई है। विद्यार्थियों को मशीन लर्निंग, वाहन के पार्ट व अन्य उपकरणों के संबंध में जानकारी दी जाएगी। मोटर मैकेनिक, इलेक्ट्रिक मैकेनिक व अन्य तकनीकी क्षेत्र में विद्यार्थियों को परिपक्व किया जाएगा।