लखनऊ। लगातार 59 दिनाें से रहमानखेड़ा इलाके में बाघ गरज रहा है, लेकिन वन विभाग की टीम में शामिल विशेषज्ञ उसे ट्रैंकुलाइज नहीं कर पा रहे हैं। हाल यह है कि लंबे समय बच्चे घरों में बंद हैं और स्कूलों पर ताले लटक रहे हैं। यूपी बोर्ड परीक्षा भी सिर पर है।
इससे हाईस्कूल और इंटर के छात्रों का भविष्य भी अधर में लटक रहा है। बाघ अब तक 18 शिकार कर चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि अब एक बार फिर बाघ नए शिकार की तलाश में है।
शनिवार को रहमानखेड़ा संस्थान में बाघ के नए पगचिह्न मिले हैं। डॉ. रेनू सिंह, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, डीएफओ सितांशु पांडेय, डॉक्टर्स और टीम के सदस्यों ने निरीक्षण किया। टीम को आम के बाग के पीछे झाड़ियों में मिले बाघ के पदचिह्न को ट्रेस करने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉक्टरों की टीम ने हथिनियों सुलोचना व डायना के माध्यम से जोन-1 व जोन-2 में कॉम्बिंग की गई। ग्राम मीठेनगर, हाफिजखेड़ा, कुसमौरा, जमालनगर, अमेठिया सलेमपुर, मोहम्मदनगर, मऊ व हबीबपुर आदि में जाकर पुलिस, पीएसी व वन कर्मियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की।
बंदूक से निशाना साधते वन दरोगा का वीडियो वायरल
मलिहाबाद में तैनात वन दरोगा मुकद्दर अली ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है। इसमें एक फिल्म का गाना भी बज रहा है। इसमें दरोगा रहमानखेड़ा संस्थान में बाघ को ट्रैंकुलाइज करने के लिए बंदूक से निशाना साधते नजर आ रहे हैं। शनिवार को जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो हरकत में आए अफसरों ने जांच की बात कही। डीएफओ सितांशु पांडेय ने बताया कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अमर उजाला वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।