उत्तर प्रदेश में मंगलवार को सुबह की शुरुआत घने कोहरे और गलन भरी हवाओं के साथ हुई। देर सुबह कई इलाकों में सूर्यदेव के दर्शन होने और धूप खिलने से त्यौहार पर रौनक बढ़ी। इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने मकर संक्रांति पर मंदिरों का रुख किया।
कोहरे की घनी चादर की वजह से कई इलाकों में दृश्यता कम हो गई। सहारनपुर में दृश्यता शून्य तक जा पहुंची। वहीं, फतेहपुर सबसे ठंडा जिला रहा। यहां न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। सोमवार की देर रात से मंगलवार की सुबह तक प्रदेश के तराई इलाकों समेत पूरब से पश्चिम तक सुबह- शाम कोहरे की मौजूदगी और पछुवा हवाएं गलन और ठंड का एहसास कराती रहीं।
मौसम विभाग ने बुधवार के लिए प्रदेश के 18 जिलों में अत्यधिक घने कोहरे के ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं 25 अन्य जिलों में घने कोहरे का येलो अलर्ट है। मौसम विभाग की मानें तो मकर संक्रांति के बाद 15 जनवरी से उत्तर प्रदेश में फिर से मौसम करवट लेने वाला है। प्रदेश में फिर से बारिश और बूंदाबांदी के आसार बन रहे हैं।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है कि ज्यादातर जगहों पर घने कोहरे के साथ पछुआ हवा अभी ठंड का एहसास कराती रहेगी। बुधवार से पश्चिमी विक्षोभ के असर से बुंदेलखंड और अवध क्षेत्र में बूंदाबांदी के संकेत हैं। फिलहाल रात के पारे में गिरावट जारी रहेगी।
अत्यधिक घने कोहरे के ऑरेंज अलर्ट
देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत व आसपास के इलाकों में।
घना कोहरा छाने की संभावना
वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, बस्ती, गोंडा, सीतापुर, हरदोई, फरुखाबाद, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अम्बेडकरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड, गौतम बुद्ध नगर, बुलन्दशहर, अमरोहा, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं व आसपास के इलाकों में।