यूपी में मानसून कमजोर पड़ गया है। उड़ीसा तट पर बना कम दबाव का क्षेत्र बनने से ऐसा हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश ज्यादा प्रभावित रहेगा। यहां पर इस बीच बारिश कम होगी। कहीं-कहीं छिटपुट बरसात हो सकती है। जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक मानसून टर्फ अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर सरकने के कारण पिछले 24 घंटे के दौरान उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता में प्रभावी तौर पर कमी दर्ज की गई। आगामी दिनों में भी मानसून टर्फ अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण में बने रहने के कारण विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधि कमजोर रहेगी।
थंडरस्टॉर्म के साथ कहीं-कहीं छिटपुट बारिश तक सीमित हो जाने की सम्भावना है। जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होते रहने की सम्भावना अभी भी बनी हुई है। वहीं सम्पूर्ण प्रदेश में वर्षा के क्षेत्रीय वितरण व तेजी में कमी आएगी। इस कारण तापमान बढ़ेगा। धूप निकलने के साथ उमस के स्तर में भी इजाफा होगा।
बढ़ना शुरू हो गया है पारा
पारे में वृद्धि और धूप की तेजी सोमवार से दिखने लगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में तो नहीं लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्रभावी वृद्धि देखी गई है। बांदा में 1.2 डिग्री बढ़कर तापमान 37.6 डिग्री दर्ज किया गया। रविवार को पारा 36.4 डिग्री था। बुंदेलखंड व आसपास के इलाकों में पारा बढ़ा है। झांसी में रविवार के 32.2 की तुलना में 2.5 डिग्री बढ़कर 34.7 डिग्री दर्ज हुआ। इटावा में 3 डिग्री बढ़ा और सोमवार को 34 डिग्री दर्ज किया गया। रविवार को पारा यहां 31 डिग्री था।
लखनऊ में धूप और उमस
यूपी की राजधानी लखनऊ में सोमवार को बरसात नहीं हुई। बादल और धूप आते-जाते रहे। दिन में कभी भी घने काले बादल नहीं आए। धूप होने से मौसम में उमस बनी रही। कई दिनों के बाद ऐसा हुआ जब पूरे दिन बरसात नहीं हुई।