एटीएस की गिरफ्त में आए आईएसआई एजेंट मोहम्मद रईस के साथी सलमान की तलाश में कई जगहों पर टीमों ने छापा मारा है। गोण्डा निवासी मोहम्मद रईस से पूछताछ में सामने आया है कि उसके इशारे पर सलमान ने दो बार झांसी स्थित बबीना सैन्य छावनी में घुसपैठ की और फोटो व वीडियो बनाए। इसे रईस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के हैंडलरों को भेजा था।
वहीं दूसरी ओर, बीते कई वर्षों से आईएसआई के निशाने पर रही बबीना छावनी से जुड़ी सामरिक महत्व की सूचनाएं पाकिस्तान भेजे जाने के बाद मिलेट्री इंटेलिजेंस और केंद्रीय खुफिया एजेंसी आईबी भी सक्रिय हो गए है। दोनों एजेंसियों की टीमों ने मोहम्मद रईस से पूछताछ कर कई अहम सुराग जुटाए हैं। इसके अलावा एटीएस की टीम मुंबई जाकर रईस के संपर्क में आए आईएसआई एजेंटों को तलाश रही है। ध्यान रहे कि रईस का मुंबई निवासी अरमान ने आईएसआई के हैंडलर हुसैन से संपर्क कराया था। हुसैन के उकसाने और प्रलोभन देने पर वह बबीना सैन्य छावनी की जानकारी देने को तैयार हो गया था। एटीएस के उसके मोबाइल को भी खंगाल रही है, जिसमें बने व्हाट्सएप बिजनेस ग्रुप में पाकिस्तानी हैंडलरों से बातची के तमाम अहम सुराग हैं।
आईएसआई एजेंट रईस के चार मददगारों की तलाश
यूपी एटीएस के हत्थे चढ़े आईएसआई एजेंट मोहम्मद रईस के चार मददगारों के बारे में सुराग मिला है। रईस को कस्टडी रिमांड पर लेकर एटीएस उसके मददगारों तक पहुंचने की तैयारी कर रही है। तरबगंज के रामापुर के दीनपुरवा निवासी मोहम्मद रईस न सिर्फ आईएसआई एजेंट निकला बल्कि पाकिस्तान के कराची में उसकी रिश्तेदारी भी है। वह पाकिस्तान के किसी व्यक्ति से फोन पर बात भी करता था। रईस के बैंक खाते में तो 15 हजार रुपये ही थे मगर उसके संबंध मुंबई में हवाला का काम करने वालों से भी होने का पता चला है। यह बात सामने आई है कि हवाला के जरिए उसे पांच लाख रुपये भी मिल चुके हैं।
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई रईस से देश के सामरिक ठिकानों की जानकारी ले रही थी और उसे अहम जिम्मेदारी सौंपी थी। जिससे वह सेना की गतिविधियों के बारे में जानकारी दे सके। आईएसआई रईस के जरिए सेना में सेंध लगाने की भी कोशिश कर रही थी। मगर यूपी एटीएस की सक्रियता ने आईएसआई के मंसूबों पर पानी फेर दिया। अब एटीएस उन लोगों की जानकारी जुटा रही है जिन्होंने रईस को पनाह दी और सेना से जुड़ी जानकारी दिलाने में मदद की। अब तक रईस के चार मददगारों का सुराग मिला है। जिनके बारे में एटीएस पड़ताल कर रही है। इन सभी पर शिकंजा कसने की तैयारी है।
मुंबई में खुलेंगे कई राज
रईस के आईएसआई से जुड़ने की कड़ियों की पड़ताल में कई राज सामने आने तय हैं। वह किस तरह मुंबई पहुंचा और वहां से दुबई जाने के बजाय आईएसआई से जुड़ गया। इसके बीच में कइयों की मिलीभगत होना तय माना जा रहा है। यही नहीं सेना की गोपनीय जानकारी जुटाने के लिए रईस किस तरह काम करता था। इसकी भी पड़ताल हो रही है। उसे कैसे जानकारियां मिलती थीं और इसमें कौन-कौन मदद करता था? इसे लेकर जल्द ही चौंकाने वाले तथ्य सामने आएंगे। एटीएस की टीम छानबीन में लगी है।
रईस को कस्टडी रिमांड पर लेकर अहम राज खोलेगी एटीएस
आईएसआई एजेंट बने तरबगंज थाना क्षेत्र के दीनपुरवा निवासी मोहम्मद रईस को यूपी एटीएस कस्टडी रिमांड पर लेकर अहम राज खोलेगी। रईस के गिरफ्त में आने के बाद पूछताछ में यूपी एटीएस को अहम जानकारी हासिल हुई है। मुंबई में होटल वेटर की नौकरी के दौरान वह आईएसआई हैंडलर के संपर्क में आकर देश की सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारी पाकिस्तान भेजता था।
यूपी एटीएस ने जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र के करनपुर पठानपुरवा गांव के रहने वाले स्लीपिंग माॅड्यूल सद्दाम शेख व जम्मू के मेंढर के रहने वाले रिजवान को पूछताछ के बाद पुख्ता प्रमाण मिलने पर गिरफ्तार किया था। इससे पहले एटीएस सद्दाम शेख के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए तीन जुलाई को करनपुर पठानपुरवा आई थी। दो दिन बाद पांच जुलाई को दोबारा सद्दाम के घर पहुंची एटीएस ने उसके घर को खंगालने के साथ ही उसकी पत्नी रूबीना व रिश्तेदार किस्मल अली के बयान दर्ज किए थे। एटीएस ने सात जुलाई को सद्दाम को कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की तो उसके मददगारों में एक नाम मोहम्मद रईस का सामने आया।
12 जुलाई को तरबगंज क्षेत्र के रामापुर दीनपुरवा स्थित रईस के घर पर एटीएस ने छापा मारा तो वह घर पर ही मिला। एटीएस उसे पकड़ ले गई और सद्दाम से आमना-सामना कराया। इस दौरान रईस के आईएसआई के संपर्क में होने का खुलासा हुआ। वह आईएसआई के हैंडलर हुसैन से व्हाट्सएप कॉल पर बात करता था। अब एटीएस रईस को कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ कर अन्य जानकारी जुटाने की तैयारी में है। रईस को रिमांड पर लेने के बाद गोंडा के उसके साथियों से भी पूछताछ की जाएगी। रईस के मुंबई के साथी अरमान व सलमान से भी पूछताछ होगी।