मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून पारित हुआ है, लेकिन एनआरसी अभी लागू नहीं है। ऐसे में हम सरकार से बातचीत कर मसले का हल निकालने की कोशिश करेंगे। इसके बावजूद भी हल न निकला तो देश का 20 करोड़ मुसलमान नागरिकता साबित करने को कोई भी दस्तावेज जमा नहीं करेगा।
मौलाना ने पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों से घरों में घुसकर महिलाओं से अभद्रता न करने की अपील की। ऐशबाग ईदगाह स्थित मस्जिद में जुमे की नमाज में मौलाना सुफियान निजामी, शाहमीना शाह दरगाह स्थित मस्जिद में मौलाना अजमल ने शांति बनाए रखने की अपील की। इरादत नगर स्थित मस्जिद मदार बख्श, चमन वाली मस्जिद, लाहौरगंज स्थित शाही मस्जिद, खदरा स्थित मस्जिद मुशाहिदी, डोर वाली मस्जिद में अमन कायम रखने की दुआ मांगी गई।
वहीं भाजपा संगठन ने भी मुस्लिम धर्मगुरुओं के साथ बैठक की और उनके सामने सीएए के तथ्य रखे। बैठक के बाद मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून से मुसलमानों को कोई खतरा नहीं है। किसी को यदि इस कानून को लेकर कोई भ्रम है तो बात करनी चाहिए। फसाद से पॉलिटिकल पार्टियों का फायदा होगा। मुसलमानों का नुकसान ही होगा। पार्टियां यही चाहती हैं कि मुसलमानों का नुकसान हो ताकि वे मुसलमानों की हमदर्दी हासिल कर सकें।