सरयू में आई बाढ़ से राम की पैड़ी के घाटों तक पानी पहुंच गया है। जिसके कारण दीपोत्सव के लिए राम की पैड़ी के 37 घाटों पर दीपक बिछाने के लिए की जा रही मार्किंग का काम प्रभावित हुआ है। दीपोत्सव के नोडल अधिकारी का कहना है कि समय रहते सभी काम हो जाएंगे।
रामनगरी में 23 अक्तूबर को राम की पैड़ी के 37 घाटों पर दिव्य दीपोत्सव मनाया जाना है। इसकी तैयारियां एक माह से चल रही हैं। इस बार राम की पैड़ी पर दीप जलाने का दायरा भी बढ़ाया गया है। पिछली बार 32 घाटों पर 10 लाख दीपक जलाए गए थे। इस बार 37 घाटों पर 15 लाख दीप जलाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। इसके लिए विवि प्रशासन की टीम व स्वयंसेवक एक सप्ताह से मार्किंग का कार्य कर रहे हैं। इस बीच दो दिन हुई मूसलाधार बारिश से दीपोत्सव की तैयारी प्रभावित हुई। अब सरयू में आई बाढ़ से पैड़ी के अधिकांश घाटों पर पानी बह रहा है। जिससे मार्किंग के निशान मिट रहे हैं।
हालांकि दीपोत्सव के नोडल अधिकारी प्रो.अजय प्रताप सिंह का कहना है कि मार्किंग का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि 21 अक्तूबर से दीपों को बिछाने का भी काम शुरू कर दिया जाएगा। सिंचाई विभाग का कहना है कि सरयू का जलस्तर बढ़ने के कारण पैड़ी के घाटों तक पानी पहुंच रहा है। सरयू का जलस्तर घटते ही यह समस्या दूर हो जाएगी।
दिव्यांग बच्चे बना रहे रूई व बाती
मुस्कान पुनर्वास केंद्र कनीगंज अयोध्या के दिव्यांग मूकबधिर बच्चे प्रत्येक वर्ष दीपोत्सव में प्रारंभ से ही भाग ले रहे हैं। गत वर्ष मूक-बधिर बच्चों ने श्रीराम सीता के स्वरूप प्रतियोगिता में भाग लिया व प्रथम पुरस्कार जीता। राम की पैड़ी पर 85000 दीपक भी जलाए थे। इस बार राज्यपाल के आह्वान पर दिव्यांग बच्चे रुई, बत्ती दीपोत्सव कार्यक्रम में सहयोग करने हेतु बना रहे हैं। जिसे शीघ्र ही दीपोत्सव के नोडल अधिकारी डॉ. अजय प्रताप सिंह को सौंपा जाएगा।