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यूपी में नहीं बढ़ेंगे बिजली के दाम और अलीगढ़ में जहरीली शराब पीने से 11 की मौत समेत पढ़ें यूपी की पांच बड़ी खबरें

Fri, 28 May 2021 06:31 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

बिना किसी लाव लश्कर व  सुरक्षा व्यवस्था के सांसद  स्मृति इरानी अचानक अमेठी पहुंच गईं और पिछले दिनों हुई मौतों पर शोक संवेदना व्यक्त किया। पढ़ें आज की पांच बड़ी खबरें...
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विस्तार
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प्रदेश में कोरोना की महामारी को देखते हुए जहां सीएम योगी ने जहां बिजली के दामों में बढ़ोतरी न करने का आदेश दिया। वहीं जहां सीएम योगी गेहूं खरीद पर बराबर नजर बनाए हुए हैं। वहीं लखीमपुर खीरी में सरकारी क्रय केंद्र पर गेहूं खरीद में बड़ा घपला सामने आया है। सरकारी बोरे में 1900 क्विंटल गेहूं पैक मिला। बरामद गेहूं को मंडी समिति की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। आज सांसद स्मृति इरानी अचानक अमेठी पहुंच गईं। बिना किसी लाव लश्कर व सुरक्षा व्यवस्था के वे क्षेत्र के कई गांव पहुंचीं और पिछले दिनों हुई मौतों पर शोक संवेदना व्यक्त किया। इसके अलावा अलीगढ़ में एक बार फिर से जहरीली शराब ने कहर बरपाया है। दो थाना इलाकों में दो ट्रक ड्राइवर समेत 11 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 12 लोग अभी अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से कई की आंखों की रोशनी जाने की बात सामने आ रही है। उधर, कानपुर से बड़ी खबर यह है कि ब्लैक फंगस इंजेक्शन की कालाबाजारी करते हुए पकड़े गए दो शातिरों में से एक प्रकाश मिश्रा भाजपा का नेता है। प्रधानमंत्री मोदी भी उसे जन्मदिन पर बधाई दे चुके हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव व मंत्री सतीश महाना सहित कई बड़े भाजपा नेताओं के साथ उसके फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। पढ़ें आज की पांच बड़ी खबरें...

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मुख्यमंत्री योगी ने कहा, कोरोना महामारी को देखते हुए नहीं बढ़ेंगे बिजली के दाम
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि इस साल बिजली के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। आज टीम 9 की बैठक में उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों से साफ कहा कि इस साल कोरोना महामारी को देखते हुए बिजली के दामों में किसी तरह की कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। हालांकि राज्य सरकार के नियंत्रण वाली बिजली वितरण कंपनियों ने नियामक आयोग के समक्ष दाखिल 2021-22 के वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) प्रस्ताव के साथ बिजली दरों का प्रस्ताव नहीं दाखिल किया है। अलबत्ता बिजली दरों के मौजूदा 80 स्लैब को घटाकर 53 करने का प्रस्ताव जरूर दिया है। आशंका जताई जा रही है कि नया स्लैब लागू होने पर छोटे उपभोक्ताओं पर बोझ पड़ सकता है। एआरआर के साथ चले परिवर्तन का प्रस्ताव भी नियामक आयोग में दाखिल किया है। नियामक आयोग ने पावर कारपोरेशन को नए स्लैब में दरें प्रस्तावित करके देने को कहा है। फिलहाल पावर कारपोरेशन ने अभी आयोग को अपना जवाब नहीं भेजा है। इस बीच नियामक आयोग नई बिजली दरों को अंतिम रूप देने की कवायद में जुटा है। सरकार के फैसले को देखते हुए अब पावर कॉर्पोरेशन दरों में किसी तरह के हेरफेर के लिए आयोग पर दबाव डालेगा। इसके आसार कम ही नजर आ रहे हैं। माना जा रहा है कि आयोग जून के पहले पखवारे में टैरिफ ऑर्डर जारी कर देगा। पहले से भी इस बात की संभावना जताई जा रही थी कि चुनावी वर्ष में सरकार बिजली दरें बढ़ाकर शायद ही जनता की नाराजगी का कोई जोखिम उठाना चाहेगी। अब कोरोना महामारी के बहाने सरकार ने दरें न बढ़ाने का रास्ता निकाल लिया है। इससे जनता के बीच सरकार के प्रति सकारात्मक संदेश भी जाएगा।

ब्लैक फंगस इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाला निकला भाजपा नेता, पीएम मोदी भी दे चुके हैं बधाई
कानपुर। कानपुर में ब्लैक फंगस इंजेक्शन की कालाबाजारी करते हुए पकड़े गए दो शातिरों में से एक प्रकाश मिश्रा भाजपा का नेता है। प्रधानमंत्री मोदी भी उसे जन्मदिन पर बधाई दे चुके हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव व मंत्री सतीश महाना सहित कई बड़े भाजपा नेताओं के साथ उसके फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। बता दें कि प्रकाश भारतीय जनता युवा मोर्चा कार्यसमिति का सदस्य है। कानपुर पुलिस ने ग्वालटोली चौराहे से दो शातिरों को गिरफ्तार कर 68 इंजेक्शन बरामद किए थे। आरोपी 11 से 15 हजार रुपये में एक इंजेक्शन बेचते थे। इनका नेटवर्क प्रदेश भर में फैला हुआ है। मुख्य ठिकाना प्रयागराज है। पुलिस का दावा है कि इंजेक्शन नकली हैं। ड्रग विभाग के अफसरों ने सैंपल लिए हैं। बता दें कि एसीपी कर्नलगंज त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि ग्वालटोली चौराहे के पास से एसयूवी कार को रोका था। उसमें सवार यशोदा नगर निवासी प्रकाश मिश्रा और रतनदीप अपार्टमेंट निराला नगर निवासी ज्ञानेश शर्मा के पास से 68 एमफोनेक्स इंजेक्शन (एम्फोटेरेसिन बी साल्ट) बरामद हुए थे। एक लाख 80 हजार रुपये की नकदी भी मिली थी। एसीपी के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वाराणसी के एक डॉक्टर को सवा दो लाख रुपये में कुछ इंजेक्शन बेचे थे। पुलिस ने जब उस डॉक्टर व वाराणसी पुलिस से संपर्क किया तो पता चला कि इंजेक्शन नकली थे। एसीपी ने दावा किया है कि आरोपियों ने बताया कि इंजेक्शन नकली हैं, जिन्हें वे प्रयागराज से खरीदते हैं। अलग-अलग शहरों में कई गुने दाम पर बेचते हैं। ग्वालटोली थाने में आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। 
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अलीगढ़ में जहरीली शराब से 11 की मौत, कई गंभीर, आरोपियों पर लगेगा रासुका
अलीगढ़। जिले में एक बार फिर से जहरीली शराब ने कहर बरपाया है। दो थाना इलाकों में दो ट्रक ड्राइवर समेत 11 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 12 लोग अभी अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से कई की आंखों की रोशनी जाने की बात सामने आ रही है। वहीं, सीएम ने मामले का संज्ञान लिया है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस बीच अलीगढ़ प्रकरण में आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और विभागीय कार्रवाई प्रचलित की है। निलंबित किए गए अधिकारियों के नाम धीरज शर्मा, जिला आबकारी अधिकारी, राजेश कुमार यादव, आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-3, अलीगढ़ और अशोक कुमार, प्रधान आबकारी सिपाही क्षेत्र-3 अलीगढ़ हैं। मामला अलीगढ़ जिले के लोधा थाना इलाके के करसुआ, निमाना, हैवतपुर और अंडला गांव का है। बताया जा रहा है कि जिला मुख्यालय से 10 किलोमीटर आईओसी का गैस बोटलिंग प्लांट है। प्लांट के ठीक सामने करसुआ और अंडला गांव हैं। दोनों गांवों में एक ही ठेकेदार के दो छोटे ठेके हैं। गुरुवार को लोगों ने यहां से शराब खरीदकर पी थी। शराब पीने के बाद अचानक लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। जिससे अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है। जिनमें दो ट्रक ड्राइवर शामिल हैं। शराब पीने से करीब पांच लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है। जबकि 11 लोग अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। वहीं, अलीगढ़ के ही जवां थाना इलाके के गांव छेरत में भी तीन लोगों की मौत हो गई है। पुलिस मौके पर पहुंच गई है और जांच में जुटी है। 

अचानक अमेठी पहुंचीं स्मृति ईरानी, कोविड अस्पताल का किया निरीक्षण
अमेठी। सांसद स्मृति इरानी शुक्रवार को अचानक अमेठी पहुंच गईं। बिना किसी लाव लश्कर व सुरक्षा व्यवस्था के वे क्षेत्र के कई गांव पहुंचीं और पिछले दिनों हुई मौतों पर शोक संवेदना व्यक्त किया। इसके बाद स्मृति ने सीएचसी जगदीशपुर व ट्रामा सेंटर अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया। स्मृति ने ट्रामा सेंटर परिसर में 50 लाख की लागत से बोइंग कंपनी की ओर से 30 बेड के कोविड अस्पताल के लिए चिन्हित स्थल का निरीक्षण कर अफसरों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया। इसके बाद वे रायबरेली जिले की डीह सीएचसी का निरीक्षण करने निकल गईं। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी शुक्रवार सुबह दिल्ली से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचीं और बिना किसी प्रोटोकॉल व सूचना के वे अचानक अमेठी पहुंच गईं। स्मृति सबसे पहले बाजार शुकुल के दक्खिन गांव में बूथ अध्यक्ष अनिल  श्रीवास्तव के घर पहुंचीं। पिछले दिनों उनके चचेरे भाई कंचन श्रीवास्तव की मौत पर शोक संवेदना व्यक्त की। यहां से निकल स्मृति बाजार शुकुल के ही पूरे रग्घू शुक्ल का पुरवा पहुंच गईं। यहां जिला उपाध्यक्ष गिरीश शुक्ल के परिवार में पिछले दिनों रजनीकांत शुक्ल, विद्यावती शुक्ल, राज कुमारी शुक्ल व रिंकू शुक्ल की कोरोना से मौत हो गई थी। स्मृति ने परिवार वालों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया। इसके बाद स्मृति महोना पश्चिम के पूरे सुचित शुक्ल का पुरवा पहुंचीं। यहां  सेक्टर प्रभारी विजय शुक्ल व उनकी पत्नी ऊषा शुक्ल की भी पिछले दिनों कोरोना से मौत हो गई थी। परिवार वालों से मिलकर उन्हें ढांढस बधाते हुए शोक व्यक्त किया। यहां से निकल वे पलिया पश्चिम पहुंच पार्टी कार्यकर्ता फड़ीस अवस्थी की मौत पर परिवारीजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की।

बरेली में गेहूं खरीद में घपला, सरकारी बोरे में पैक मिला 1900 क्विंटल गेहूं
लखीमपुर खीरी। सरकारी क्रय केंद्र पर गेहूं खरीद में बड़ा घपला सामने आया है। आरएफसी (रिजनल फूड कंट्रोलर) संतोष कुमार ने बृहस्पतिवार को मंडी समिति राजापुर में क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने चबूतरा नंबर छह पर सरकारी प्लास्टिक बोरियों में पैक 1465.50 क्विंटल (2931 बोरी) गेहूं पकड़ा है। वहीं दो ट्रक में करीब 350 क्विंटल (700 बोरी) गेहूं मिला। आरएफसी ने मंडी समिति और यूपीएसएस के क्रय केंद्र प्रभारियों को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। बरामद गेहूं को मंडी समिति की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। कोविड-19 के चलते कोरोना कर्फ्यू लागू है तो इससे पहले पंचायत चुनाव कराने में अधिकारी व्यस्त रहे। अप्रैल और मई में सरकारी खरीद का हाल जानने की कोशिश नहीं हुई। इससे बेखौफ क्रय एजेंसियों और आढ़तियों ने मिलकर खेल शुरू कर दिया, जिसका भंडाफोड़ जांच करने आए आरएफसी संतोष कुमार ने कर दिया। आरएफसी ने सबसे पहले विपणन शाखा के क्रय केंद्र प्रथम, द्वितीय और पीसीयू के क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। इसके बाद आरएफसी मंडी समिति के क्रय केंद्र पर पहुंचे। यहां यूपीएसएस का भी क्रय केंद्र खुला था। दोनों क्रय केंद्रों के स्टॉक का सत्यापन करने के बाद आरएफसी ने चबूतरे पर लगे सरकारी बोरियों में पैक गेहूं के स्टॉक के बारे में पड़ताल की तो क्रय केंद्र प्रभारियों ने इन गेहूं की बोरियों के बारे में अनभिज्ञयता जताई। मौके पर कोई आढ़ती इन गेहूं की बोरियों पर क्लेम करने के लिए सामने भी नहीं आया। सरकारी बोरियों में पैक गेहूं पर किसी क्रय एजेंसी की स्टेंसिल (छापा) भी अंकित नहीं थी। यह देखकर आरएफसी का माथा ठनका और उन्होंने तुरंत एसडीएम सदर को बुलाकर मामले की जांच करने के निर्देश दिए। चबूतरे पर लगे स्टॉक की गिनती हुई तो 3119 बोरियां निकलीं। इस दौरान मंडी समिति क्रय केंद्र के प्रभारी राजेश वर्मा ने 89 क्विंटल यानी 188 बोरियां क्रय केंद्र की होने का दावा किया। शेष बोरियों पर किसी ने दावा नहीं किया। हालांकि इस दौरान एक बिचौलिया भी सामने आया, जिसने एक क्रय केंद्र का गेहूं रखा होने की बात कही, जिस पर आरएफसी ने उससे परिचय पूछा और एसडीएम के आने तक उसे वहीं पर रुकने के लिए कहा, लेकिन मौका पाकर वह बिचौलिया वहां से खिसक गया। आरएफसी ने दोनों क्रय केंद्र प्रभारियों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज कराए हैं, जिसमें दोनों ने गेहूं की जानकारी से इंकार किया है। मौके पर जांच चल ही रही थी कि एसडीएम सदर की नजर पास में खड़े दो ट्रकों पर पड़ी, जिसमें करीब 700 बोरी गेहूं था। इसके कागज भी मौके पर चालक नहीं दिखा पाया। इसे भी मंडी समिति के सुपुर्द कर दिया गया है।

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