आखिरकार इंतजार खत्म हुआ और कचरा निस्तारण प्लांट शुरू होने के आसार दिखे। इसी के साथ उम्मीद जगी कि शायद अब शहर को कूड़े से निजात मिल सके।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने मंगलवार को प्लांट चलाने के लिए अनापत्ति जारी कर दी है। इसके बाद संयंत्र शुरू होने की राह में अब कोई रोड़ा नहीं रहा।
प्लांट तक कचरा ले जाने के लिए बनाए जाने वाले चार ट्रांसफर स्टेशनों के लिए भी करीब दो महीने पहले कंपनी को जमीन मिल ही गई थी।
शहर में खुले में कचरा न डाला जाए और उसका वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण किया जाए, इसके लिए जवाहर लाल नेहरू अर्बन रीन्यूवल मिशन (जेएनएनयूआरएम) में छह साल पहले 42 करोड़ 92 लाख रुपये की कचरा प्रबंधन योजना मंजूर हुई थी।
इसी के तहत मोहान रोड स्थित शिवरी गांव में 42 हेक्टेयर जमीन पर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। प्लांट लगाने का काम निजी कंपनी ज्योति इनवायरोटेक कर रही है।
करार के तहत कंपनी को जमीन नि:शुल्क दी गई है। प्लांट के अलावा शहर में चार स्थानों पर ट्रांसफर स्टेशन बनाए जाने के लिए भी कंपनी को जमीन दी गई है।
यह ट्रांसफर स्टेशन इसलिए बनाए जाने हैं ताकि शहर से छोटी-बड़ी गाड़ियों से कूड़ा लाकर यहां पर जमा किया जाए और इनको वहां से ट्रक पर लादकर प्लांट तक ले जाया जा सके।
जिन स्थानों पर यह ट्रांसफर स्टेशन बनाए जा रहे हैं उनमें रायबरेली रोड पर किला मोहम्मदी, हरदोई कानपुर रोड बाईपास पर, सीतापुर रोड पर सब्जी मंडी के पीछे और गोमती नगर में ग्वारी कलवर्ट के पास।
निजी कंपनी के सलाहकार पीएन मल्होत्रा के मुताबिक ट्रांसफर स्टेशन बनाए जा रहे हैं और प्लांट का काम भी लगभग पूरा होने वाला है। कुछ मशीनें लगाना बाकी है, जो मशीनों लग चुकी हैं उनसे ट्रायल भी किया जा चुका है और इनसे प्लांट शुरू किया जा सकता है।
बस प्रदूषण निंयत्रण बोर्ड की अनापत्ति मिलने का इंतजार था। वह भी मिल गई है, इसी माह प्लांट शुरू कर दिया जाएगा।