मौलाना ने कहा कि हम ईरान और इराक़ के मराजाए किराम एवं मुजतहिद हज़रात को पत्र लिखेंगे ताकि उनसे वसीम रिज़वी के इस बयान के संबंध में आदेश लिया जा सके और इसे इइस्लाम और शरीयत से खारिज घोषित किया जा सके, वह किसी मुस्लिम संगठन और बोर्ड का सदस्य न बन सके। मौलाना ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि वसीम रिजवी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए क्योंकि उसके बयान से देश में अमन और शांति को ख़तरा है।
कुरान में नहीं हो सकता कोई बदलाव
मरकजी शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ़ अब्बास ने कहा कि पूरी दुनिया के मुसलमानों का कुरान पर पूरा एतबार है। क़ुरान में सिर्फ़ अच्छाईयां बताई गई है। वसीम का बयान गलत और निंदनीय है। मौलाना ने कहा कि कुरान में दिलों को जोड़ने की बात की गई हैं। मौजूदा समय में मदरसों और क़ुरान को बदनाम करने की साज़िश की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी पार्टी में शामिल होना गलत नहीं है लेकिन पार्टी के लिए धर्म को बेच देना गलत है। मौलाना ने कहा कि पहले के समय में हुई जंगों का ज़िक्र क़ुरान में किया गया है जिसे जिहाद बताकर पेश किया जा रहा है। मौलाना ने कहा कि क़ुरान में 26 आयतें हटाना तो दूर की बात है ज़बर-ज़ेर भी ऊपर नीचे नहीं किया जा सकता है।
देश की छवि हो रही खराब, सरकार करे सख्त कार्रवाई
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि पूरी दुनिया के मुसलमान बखूबी जानते है कि कुरान अल्लाह की सबसे मुकद्दस किताब है। ये किसी इंसान का कलाम नहीं अल्लाह का अपना कलाम है। जिसको अल्लाह ने पैगम्बर ए इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्ल. पर तमाम इंसानों की रहनुमाई और हिदायत के लिए नाजिल फरमाया है। बेशक कुरान की हिफाजत करने वाला अल्लाह है। मौलाना ने कहा कि कुरान से एक शब्द भी बदलने की ताकत किसी में नहीं है। जिसने भी इसमें बदलाव की याचिका दाखिल की है उसने देश ही नहीं दुनिया भर के मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाया है। कुरान से कुछ आयतों को तो दूर की बात एक शब्द का बदलाव नहीं हो सकता है। इससे देश की छवि पूरी दुनिया में खराब हो रही है। हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इस तरह की याचिका को खारिज कर देगा और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त रुख अपनाएगा। हमारी सरकार से मांग है कि देश का नाम बदनाम करने और अराजकता फैलाने की कोशिश करने वाले इस तरह के लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि कोई भी किसी के मजहबी अक़ीदे के खिलाफ इस तरह की हरकत न करे।
कुरान अल्लाह की किताब, नहीं हो सकता कोई बदलाव
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि क़ुरान अल्लाह की किताब है, किसी के घर की लिखी किताब नहीं है। क़ुरान से एक ज़ेर ज़बर भी नहीं निकाला जा सकता। आज तक किसी इमाम ने किसी आयत को हटाने की बात तक नहीं की। उन्होंने कहा कि क़ुरान पाक आतंकवाद की दावत नहीं देता है। ये बयान ग़लत है। उन्होंने कहा कि क़ुरान कहता है तुम्हारा दीन तुम्हारे साथ हमारा हमारे साथ। यासूब ने कहा कि इस्लाम को बदनाम किया जा रहा है। क़ुरान अमन का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि कुरान से 26 आयतें हटाना तो दूर की बात है, कोई क़ुरान से ज़ेर ज़बर भी हटा के देखे।
देश की छवि हो रही खराब : फरंगी महली
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि पूरी दुनिया के मुसलमान जानते है कि कुरान अल्लाह की सबसे मुकद्दस किताब है। इसमें किसी इंसान का कलाम नहीं, अल्लाह का अपना कलाम है। कुरान से एक शब्द भी बदलने की ताकत किसी में नहीं है जिसने भी इसमें बदलाव की याचिका दाखिल की है उसने देश ही नही दुनिया भर के मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाया है। मौलाना ने कहा कि इससे देश की छवि दुनिया में खराब हो रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट यह याचिका कर ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त रुख अपनाएगा। उन्होंने इसे देश में अराजकता फैलाने की साजिश बताकर सरकार से ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
कुरान में नहीं हो सकता कोई बदलाव : मौलाना यासूब
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि कुरान अल्लाह की किताब है। कुरान से एक शब्द भी नहीं निकाला जा सकता। उन्होंने कहा कि यह कुरान पाक को बदनाम करने की साजिश है। कुरान में कहा गया है कि तुम्हारा दीन तुम्हारे साथ, हमारा हमारे साथ। यासूब ने कहा कि इस्लाम को बदनाम किया जा रहा है। कुरान अमन का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि कुरान से 26 आयतें हटाने की मांग बेहद निंदनीय है।
वसीम रिजवी की याचिका पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सख्त नाराजगी जाहिर की है। बोर्ड ने मुस्लिम समाज से शांति व धैर्य बनाए रखने की अपील की है। बोर्ड ने भरोसा दिलाया है कि सुप्रीम कोर्ट में मुसलमानों का पक्ष मजबूती से रखा जाएगा।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी ने कहा कि वसीम रिजवी का यह कदम पब्लिसिटी स्टंट है। उन्होंने कहा कि कुरान की किसी आयत में बदलाव के बारे में सोचने की कोई गुंजाइश नहीं है। जिन्होंने भी कुरान की आलोचना की कोशिश की है उनको नाकाम होना पड़ा है। कुरान की आयतों को हटाने या मिटाने का मामला पूरी दुनिया के सभी मसलक के मुसलमानों की आस्था से संबंधित है। उन्होंने कहा कि मैं शिया, सुन्नी, बोहरा, देवबंदी, बरेलवी अहले हदीस समेत सभी मसलक के लोगों से अपील करता हूं कि वे इस मुद्दे पर शांति व धैर्य बनाए रखें। उन्होंने बताया कि पर्सनल लॉ बोर्ड की लीगल टीम इस मामले को देख रही है और उसने अपना पक्ष तैयार कर लिया है, सही समय आने पर इसे सुप्रीम कोर्ट में पेश किया जाएगा।