शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी
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शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी ने कहा है कि पाकिस्तान परस्त कट्टरपंथी सुन्नी मुसलमान अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण नहीं चाहते। इसके साक्ष्य के रूप में भारत के कट्टरपंथी मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्रों में पाकिस्तान की पार्टी मुस्लिम लीग कायदे आजम के झंडे देखे जा सकते हैं। इसे कट्टरपंथी मुसलमान धार्मिक झंडा बताते हैं, जो भारतीय संविधान के खिलाफ है। इस बाबत उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका भी दाखिल की है।
वसीम का कहना है कि दाऊद जैसे आतंकी उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं इसलिए सरकार को उन्हें व उनके परिवार को सुरक्षा देनी चाहिए।
रिजवी ने कहा, एक सेक्यूलर शिया मुसलमान होने के नाते वह अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के पक्ष में हैं। कट्टरपंथी मुसलमान इसे बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए उनकी हत्या की साजिश हो रही है।
हिन्दुस्तान के कुछ कट्टरपंथी मुसलमान आज भी 1906 में बने मुस्लिम लीग का झंडा अपने मकानों और इबादतगाहों पर लगा रहे हैं। हरे झंडे पर चांद तारे का चिह्न कभी भी इस्लामिक चिह्न नहीं रहा है। मुसलमानों के आखिरी नबी ने इस्लाम का जो पहला बैनर बनाया वह काले रंग का सादा बैनर था।