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रानीबाजार पुराने मालगोदाम से चलेंगी डेमू, मेमू व पैसेंजर ट्रेनें

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गोंडा। रानीबाजार से सुभागपुर शिफ्ट किए गए मालगोदाम को रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की अधिकता के मद्देनजर फिर से विकसित किए जाने की योजना तैयार की गई है। जिसके तहत रेलवे 15 करोड़ रुपये से रानीबाजार में दो लाइनोें का प्लेटफॉर्म बनाएगा। जहां से डेमू, मेमू और पैसेंजर ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। ऐसा होने से रेलवे स्टेशन ट्रेनों के दबाव से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा और रेल से यात्रा करने वाले लोगोें को भी सहूलियत होगी।
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रेलवे सूत्रोें से मिली जानकारी के मुताबिक गोंडा शहर के रानी बाजार में स्थित पुराने मालगोदाम को करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से फिर से संवारने के लिए यहां दो लाइनों के दो प्लेटफॉर्म बनाने का एक प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। जिसके पीछे रेल अधिकारियों की मंशा मेमू, डेमू व पैसेंजर ट्रेनों से गोेंडा रेलवे स्टेशन को पूरी तरह से मुक्त रखना है। साथ ही रानीबाजार में रेलवे स्टेशन बनाकर रेल यात्रियों को एक तीसरा विकल्प भी मुहैया कराना है। जिससे कि लोकल चलने वाले यात्रियोें को ज्यादा परेशानी न हो। गोेंडा, बलरामपुर, बहराइच, गोरखपुर, सीतापुर व लखनऊ के बीच जितनी भी पैसेंजर ट्रेनें चलेंगी। उनका संचालन इसी रेलवे स्टेशन से होगा। जहां रेलयात्रियोें के लिए बुकिंग विंडो भी डेवलॅप की जाएगी। गोेंडा रेलवे स्टेशन से रानीबाजार की दूरी भी महज एक किलोमीटर ही है। इस कारण अगर किसी यात्री को ट्रेन बदलनी भी पड़ेगी तो वह आसानी से स्टेशन पहुंच जाएगा। रेलवे निर्माण विभाग के अभियंता का कहना है कि जैसे ही रेलवे बोर्ड प्रस्ताव को हरी झंडी दे देता है। इसका काम यहां चालू कर दिया जाएगा। उधर, गोंडा रेलवे यार्ड के सुंदरीकरण के साथ ही बुढ़वल से गोंडा के बीच तीसरी लाइन बिछाने का काम भी चालू होने जा रहा है। जिससे आगे चलकर रेल यात्रियोें की दिक्कतोें में सुधार होगा। बता दें कि रानीबाजार का मालगोदाम पहले ही सुभागपुर शिफ्ट किया जा चुका है। इसलिए रानीबाजार के पुराने मालगोदाम को प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किए जाने की प्लानिंग रेलवे ने तैयार की है। ताकि यहीं से बलरामपुर, बहराइच, लखनऊ व गोररखपुर के लिए मेमू, डेमू व पैसेंजर ट्रेनों का संचालन किया जा सके। मालगोदाम पर बनने वाले प्लेटफॉर्म पर टिकट घर, यात्री विश्रामालय सहित सभी आधुनिक तकनीक से युक्त होगा। इससे शहर का रानी बाजार विकसित हो जाएगा। जनपदवासियों को ट्रेनों से यात्रा करने का दूसरा विकल्प मिल जाएगा। साथ ही रेलवे विभाग को गोंडा रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का दवाब बहुत कम हो जाएगा।


गोेंडा रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का दबाव वाकई में काफी ज्यादा है। जिसे कम करने के लिए ही इसका प्रस्ताव तैयार कर यहां से भेजा गया है। रेलवे बोर्ड से जैसे ही इस प्रस्ताव की स्वीकृति मिलती है, इसका काम यहां चालू हो जाएगा।
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- संजय यादव, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पूर्वोत्तर रेलवे
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