फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: युद्ध ने रोकी हरी सब्जियों के निर्यात की राह, उड़ानें-समुद्री मार्ग बाधित; करीब 50 फीसदी कारोबार प्रभावित

Tue, 10 Mar 2026 12:20 PM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

युद्ध ने हरी सब्जियों के निर्यात की राह रोक दी है। करीब 50 फीसदी कारोबार प्रभावित हो गया है। कारोबारी कंपनियों को टमाटर और हरी मटर बेच रहे हैं। उड़ानें और समुद्री मार्ग बाधित होने से खाड़ी देश लौकी, हरी मिर्च, परवल, भिंडी नहीं भेज पा रहे हैं। आगे पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
हरी सब्जियां - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पश्चिम एशिया में अमेरिका-इस्राइल व ईरान के बीच युद्ध के कारण खाड़ी देशों को हरी सब्जियों का निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उड़ानें और समुद्री मार्ग बाधित होने से परेशान निर्यातकों ने घरेलू बाजार में ही नए अवसर तलाशने शुरू कर दिए हैं। केचअप बनाने वाली कंपनियों को टमाटर व फ्रोजन मटर का काम करने वाली कंपनियों को हरी मटर बेची जा रही है।

विज्ञापन


खाड़ी देश भारत से लौकी, हरी मिर्च, हरी मटर, परवल, भिंडी, टमाटर समेत कई सब्जियों का निर्यात करते हैं। सब्जियां पहले दुबई पहुंचाई जाती हैं, जहां से कतर, बहरीन और ओमान जैसे खाड़ी देशों में आपूर्ति होती है।

राजधानी लखनऊ निवासी अकरम बेग बताते हैं कि आम तौर पर लौकी, हरी मिर्च, परवल, भिंडी और हरी मटर फ्लाइट से भेजी जाती हैं। टमाटर का निर्यात कंटेनर से होता है। इन दिनों कारोबारी निजी कंपनियों को टमाटर और हरी मटर बेच रहे हैं। टमाटर के दाम एक रुपये प्रति किलो तक कम हुए हैं। अकरम का कहना है कि युद्ध के कारण करीब 50 फीसदी कारोबार ही बचा है।

15 दिन बाद पहुंच रहा माल

लखनऊ, बाराबंकी और आसपास के जिलों से चिकनकारी, जरदोजी और शॉल जैसे हैंडीक्राफ्ट उत्पादों के निर्यात से जुड़े कारोबारी नितेश अग्रवाल बताते हैं कि 15 दिन से एयरलाइन कंपनियों के पास माल अटका है। ओमान भेजा गया शिपमेंट 13 दिन तक रास्ते में फंसा रहा। 

विज्ञापन


15वें दिन खरीदार का फोन आया कि माल पहुंच गया है। दक्षिण अफ्रीका भेजा गया माल भी 15 दिन बाद तक नहीं पहुंच सका। कारोबारी भविष्य को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि एयरलाइन को माल सौंपते समय तय शर्तों के तहत देरी होने पर निर्यातक और खरीदार दोनों पर जुर्माने का जोखिम रहता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें